चंपारण की खबर:: चरस तस्करी मामले में दो सहोदर भाइयों को सात वर्षों की सश्रम कारावास

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मोतिहारी, दिनेश कुमार।

विशेष अनन्य नारकोटिक्स एक्ट कोर्ट द्वितीय के विशेष न्यायाधीश सूर्यकांत तिवारी ने चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद दो सहोदर भाइयों को सात-सात वर्षों का सश्रम कारावास व प्रत्येक को पचास-पचास हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए। अर्थ दंड नहीं देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा नेपाल गौर जिला के थाना जयनगर ग्राम जग़हां निवासी अमीरी साह के पुत्र सूरज साह व लालाबाबू साह को हुई। मामले में एस एस बी के तात्कालीन इंस्पेक्टर रामचंद्र यादव ने कुंडवा चैनपुर थाना कांड संख्या 67/2023 दर्ज कराते हुए दोनों सहोदर भाई को नामजद किया था। जिसमें कहा था कि 16 अप्रैल 2023 को 7 बजे संध्या में गुप्त सूचना के आधार पर कुंडवा चैनपुर थाना के बजरंग चौक के समीप जांच अभियान चलाया जा रहा था। उसी दौरान नेपाल की ओर से आ रहे साईकिल सवार दो लोगों को रोका गया। जांच के दौरान उसके साईकिल के हैंडल में लटकाए झोला की तलाशी ली गई तो उसमें से 9.90 ग्राम चरस बरामद हुआ। एनडीपीएस वाद संख्या 33/2023 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी ने पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने व न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर नामजद दोनों अभियुक्तों को धारा 20(बी)ii (बी) में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। अभियुक्तों को कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।