रामपुर मनिहारान/सहारनपुर/उप्र रामपुर मनिहारान जैन समाज के तत्वाधान में चल रहे दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व का दूसरा दिन श्री सुपार्श्वनाथ भगवान के गर्भ कल्याणक के साथ उत्तम मार्दव धर्म के रूप में मनाया गया।

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रिपोर्ट वैभव गुप्ता।

शुक्रवार को प्रातः मंदिर में श्री सुपार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा को पाण्डुकशिला पर विराजमान कर अभिषेक और शांतिधारा की गई। इसके बाद पूजा ओर तेरह द्वीप विधान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पं अंकित शास्त्री ने कहा कि दशलक्षण का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म का दिन है।

उत्तम मार्दव का अर्थ है विनम्रता, कोमलता और अहंकार या घमंड का त्याग। यह जैन धर्म के दस धर्मों में से दूसरा है, जिसका सार अपने मन से मान कषाय को समाप्त करना है। इस धर्म के पालन से व्यक्ति में नम्रता आती है और वह मोक्ष की ओर बढ़ता है। शाम के समय संगीतमय आरती की गई।

श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। इस दौरान जैन समाज के प्रधान मनोज जैन, महामंत्री निपुण जैन, अमित जैन, सुधीर जैन, विद्यासागर जैन, भूपेंद्र जैन, शशांक जैन, अंशुल जैन, अनुराग जैन, अतुल जैन, प्रशांत जैन, पुष्पेन्द्र जैन, आकाश जैन, अर्पित जैन, नीरज जैन, आर्जव जैन,विपुल जैन, नवीन जैन, ललित जैन, शुभम जैन, अंकित जैन सहित समाज के महिला पुरुष मौजूद रहे।