
-राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री ने किया जिले की टीम को सम्मानित
-76 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर बना राज्य का अग्रणी जिला
-जनभागीदारी और प्रभावी रणनीति से मिली बड़ी सफलता
सीतामढ़ी। 11 जून
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सीतामढ़ी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित राज्य स्तरीय ‘टीबी मुक्त बिहार सम्मेलन’ में सीतामढ़ी की स्वास्थ्य टीम को सम्मानित किया गया।
बुधवार को आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन बिहार के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सामूहिक भागीदारी से सफल होने वाला जनआंदोलन है। उन्होंने टीबी के खिलाफ जागरूकता, समय पर जांच और उपचार को अभियान की सफलता का आधार बताया।
सम्मेलन में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि सुदृढ़ जांच व्यवस्था, बेहतर उपचार सुविधाओं तथा जनसहभागिता के बल पर बिहार तेजी से टीबी मुक्त राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण और परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के कई जिलों ने उत्कृष्ट कार्य किया है, जिनमें सीतामढ़ी का प्रदर्शन सबसे प्रेरणादायक रहा है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जेड. जावेद तथा जिले की पूरी टीबी उन्मूलन टीम को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले द्वारा टीबी नियंत्रण एवं उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी के निर्देशन में व्यापक जनजागरूकता, सक्रिय खोज अभियान, समयबद्ध उपचार एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से जिले की कुल 76 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इसी उपलब्धि के आधार पर सीतामढ़ी ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य में एक नया मानदंड स्थापित किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिले की यह उपलब्धि भविष्य में टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
