मॉडर्न इंगलिश स्कूल में “क्षमता निर्माण कार्यक्रम” के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

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“छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण” पर कार्यशाला में मॉडर्न ग्रुप के सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल होकर उठाया लाभ

स्थानीय मॉडर्न इंगलिश स्कूल में रविवार को क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Program) के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न्यू एरिया स्थित न्यू मॉडर्न इंगलिश स्कूल के बहुद्देशीय सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की कार्य दक्षता, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यावसायिक कौशल का विकास करना था, साथ-साथ विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्त्व से परिचित कराने और उनके भीतर सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास व तनाव-नियंत्रण की क्षमता विकसित कराना था। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधन के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नई शिक्षण पद्धतियों, विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन, तकनीकी शिक्षा तथा प्रभावी कक्षा संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की। व्याख्याता रिसोर्स पर्सन रवि शंकर ने कहा कि क्षमता निर्माण कार्यक्रम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की शिक्षा संबंधी दूरदर्शी पहल है, जिसे हम सभी के दृढ़ संकल्प से अवश्य प्राप्त किया जा सकता है। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में मानसिक तनाव और निराशा से जूझ रहा है। मानसिक निराशा जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन यदि इसे सही ढंग से नियंत्रित किया जाए तो यह बच्चों के व्यवहार, निर्णय-क्षमता और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। मानसिक शांति ही सफलता की कुँजी है। वहीं व्याख्याता चंद्रकांत पांडेय ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। स्वयं से या दूसरों से बहुत अधिक उम्मीदें रखना,असफल होने का भय, दूसरों की उपलब्धियों से स्वयं की तुलना और मन की बातों को दूसरों से न कहना और सब कुछ मन में दबाए रखने से मानसिक निराशा होती है। हम सभी का समर्पण, शिक्षा, बच्चों और विद्यालय के प्रति हमारी जिम्मेदारी ही हमें निपुण विद्यालय की ओर अग्रसर कर रही है।

कार्यशाला में शिक्षकों को बताया गया कि हर बच्चे में अलग-अलग तरह से सीखने की क्षमता होती है।हमें उनकी क्षमताओं को पहचानना अति आवश्यक है,साथ ही साथ अभिभावकों का भी कर्तव्य है कि अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों सी करके उसकी क्षमताओं को पहचाने और एक स्वस्थ, तनाव मुक्त ,व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाकर उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। मणिकांत मिश्रा ने कहा कि विभिन्न विषयों के शिक्षण को शिक्षक रुचिकर बना सकते हैं। इससे विद्यार्थियों में विषय की बेहतर समझ बन सकेगी। कार्यशाला में कौशल विकास, जीवन कौशल एवं नई शिक्षा नीति के बहुआयामी पक्षों पर प्रकाश डाला गया। कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकों के लिए अलग-अलग विषयों से संबंधित अनेक रोचक गतिविधियां करवाई गई जिसमें सबने बड़े उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनके कार्य करने की क्षमता में वृद्धि होगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने में सहायता मिलेगी।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य गोपाल चरण दास ने कहा इस कार्यशाला से विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति को समझने और विद्यालय में संवेदनशील वातावरण के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा समय-समय पर ऐसी कार्यशालाएं आयोजित होनी चाहिए। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान एवं कौशल को अद्यतन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में उपप्राचार्य सुजय कुमार, मिथिलेश कुमार विजय, सुशील कुमार, मुकेश कुमार,चंद्रदीप प्रसाद, दीपक पुष्टि,नीरज कुमार मिश्रा, विजय अकेला, के साथ-साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाओं की महती भूमिका रही।