
जिले के एतिहासिक गांधी मैदान स्थित बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन।
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट
जहानाबाद -जिला पदाधिकारी, अनिल कुमार सिन्हा,पुलिस अधीक्षक, अपराजित लोहान, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर गांधी मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि आज 30 जनवरी को ही महात्मा गांधी जी की हत्या की जिसे आज का दिन शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, जब 1948 में नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी थी। महात्मा गांधी जी को भारत के राष्ट्रपिता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को स्वतंत्रता दिलाई।साथ ही महात्मा गांधी जी के विचारों और आदर्शों को याद किया जाता है, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने बताया गया कि महात्मा गांधी जी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सत्याग्रह, अहिंसा, और स्वदेशी जैसे आंदोलनों का नेतृत्व किया।

उन्होंने बताया कि सत्याग्रह, अहिंसा, और स्वदेशी जैसे आंदोलनों का नेतृत्व किया, जिसने भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव कुमार, अपर समाहर्ता, विभागीय जाँच विनय कुमार सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी सह जिला नजारत उप समाहर्ता अविनाश कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी, जिला सामान्य शाखा सुजीत कुमार, निदेशक, डी. आर. डी. ए. रोहित कुमार मिश्रा, सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग सह प्रभारी पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, पूनम कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी, राजीव कुमार रंजन, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आई. सी. डी. एस. रचना सहित अन्य पदाधिकारी तथा जिला समन्वयक, ऐल्कम पंकज कुमार शामिल होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूर्ति पर माल्यार्पण किया।

उक्त पुण्यतिथि पर राष्ट्रपति महात्मा गाँधी को याद करते हुए बाल विद्या मंदिर स्कूल, होरिलगंज, जहानाबाद की छात्राओं द्वारा भजन
“वैष्णव जन तो तेने कहिए…
जो पीड़ पराई जाणे रे,
पर दुःख उपर करे जो तोय…
वैष्णव जन तो तेने कहिए…
प्रस्तुति की गई। पदाधिकारियों द्वारा छात्रों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जीवनी से सिख लेने और उनके आदर्शों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
