
कार्यक्रम का शुभारम्भ डीआरडीए डायरेक्टर अभिजीत चौधरी, डीपीओ मनरेगा अमित कुमार, डीडीएम नाबार्ड सुमन प्रभा , जीएमडीआईसी विजय कुमार और जीविका डीपीएम अनिशा के साथ ही दीदियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायरेक्टर अभिजीत चौधरी ने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाएं काफी सशक्त हो रही है. सिडबी द्वारा जो भी ऋण दिया जा रहा है इससे व्यवसाय भी उनका बढ़ रहा है. कार्यक्रम के दौरान डीडीएम ने नाबार्ड से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी वहीं उद्योग विभाग के योजनाओं के बारे में जीएम डीआइसी ने जानकारी दी. कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों का स्वागत सहदेव कुमार ने किया. कार्यक्रम में अच्छा कार्य करने वाली दीदियों को सम्मानित भी किया गया. सिडबी द्वारा अतिथियों के माध्यम से तीन दीदियों क़ो व्यवसाय के लिए दो लाख रु का सांकेतिक चेक भी प्रदान किया गया.

सिडबी के संयोजक सहदेव कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से SIDBI प्रयास योजना एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत पंजीकृत क्लस्टर स्तरीय संघों (CLF) के माध्यम से अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमियों को सुलभ और समय पर ऋण उपलब्ध कराना है।

इस परियोजना का मुख्य फोकस ग्रामीण महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्थायी और सफल उद्यमी के रूप में विकसित करना है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार के लिए ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रमुख विशेषताएँ
प्रयास योजना के अंतर्गत:
• ₹50,000 से ₹2,00,000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है
• ऋण अवधि अधिकतम 36 माह निर्धारित है
• ब्याज दर 12% प्रतिवर्ष है
• CLF को 1% प्रोसेसिंग शुल्क एवं पुनर्भुगतान पर 2% कमीशन प्राप्त होता है

CLF और SHG सदस्यों के लिए लाभ
यह योजना क्लस्टर स्तरीय संघों (CLF) के लिए स्थायी आय का स्रोत बन रही है और स्थानीय आजीविका तंत्र को मजबूत कर रही है। वहीं, स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को:
• व्यक्तिगत क्रेडिट इतिहास बनाने का अवसर मिलता है
• डिजिटल और पारदर्शी ऋण प्रक्रिया का लाभ मिलता है
• SIDBI ब्रांड के तहत विश्वसनीय वित्तीय सहायता प्राप्त होती है
वर्तमान कार्यक्षेत्र और उपलब्धियाँ
वर्तमान में यह योजना पटना, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और दरभंगा जिलों के 13 CLF में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इसके साथ ही सारण, नालंदा, समस्तीपुर और भागलपुर जिलों में इसके विस्तार की तैयारी चल रही है।

अब तक इस योजना के माध्यम से 990 से अधिक महिला उद्यमियों को ₹12.80 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जिससे वे अपने व्यवसाय को गति दे रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
परियोजना साझेदारी
इस योजना के सफल क्रियान्वयन में कई संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है:
• ऋण वित्तपोषण: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
• कार्यान्वयन: यूनाइटेड वे मुंबई एवं विमेंस वर्ल्ड बैंकिंग
• सहयोग: HSBC Foundation
• जमीनी स्तर पर सहयोग: बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जीविका)

इन सभी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से लाभार्थियों की पहचान, ऋण वितरण और कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
जीविका डीपीएम अनिशा ने कहा कि
प्रयास परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई आशा लेकर आई है। यह पहल न केवल उन्हें वित्तीय संसाधनों तक पहुंच प्रदान करती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है। यह योजना महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और सतत आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को डायरेक्टर ने चमकी बुखार के जागरूकता हेतु शपथ दिलाया.मंच संचालन संचार प्रबंधक राजीव रंजन ने किया. कार्यक्रम के दौरान आनंद शंकर, शिवम सिंह, सुनील कुमार,मोहम्मद अमानुल्लाह,विकास कुमार, मसरूर अहमद,नूरी जमाल, शोभा साव,मोहम्मद कैफ, सुप्रिया कुमारी, शिवांगी कुमारी, प्रणव कुमार सहित नौ प्रखंडों के प्रखंड परियोजना प्रबंधक के साथ सिडबी और जीविका कर्मी उपस्थित रहे.
