चमकी बुखार से निपटने को लेकर किया मॉक ड्रिल

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स्वास्थ्यकर्मियों को उपचार, रेफरल और बचाव के उपायों की दी गई जानकारी

शिवहर।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरियानी में गुरुवार को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अस्पताल के सभी स्वास्थ्यकर्मियों को एईएस से प्रभावित बच्चों के त्वरित और प्रभावी उपचार की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
मॉक ड्रिल के माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार किसी भी संदिग्ध एईएस मरीज बच्चे को सुरक्षित तरीके से एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल लाया जाए तथा अस्पताल पहुंचने के बाद किस तरह से तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया जाए। साथ ही गंभीर स्थिति में मरीज को उच्चतर स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, तरियानी ने उपस्थित सभी कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि एईएस एक गंभीर बीमारी है, जिसमें समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को सतर्क रहते हुए हर स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।
इसके अलावा उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को एईएस से बचाव के उपायों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साफ-सफाई, बच्चों के खान-पान पर विशेष ध्यान, तेज बुखार या बेहोशी की स्थिति में तुरंत अस्पताल ले जाने जैसी महत्वपूर्ण बातों पर जोर दिया गया।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और आपातकालीन स्थिति में उनकी कार्यक्षमता को और मजबूत बनाने का प्रयास किया गया।
मौके पर डॉ अनामीका अरूण, बृज किशोर गुप्ता वीबीडीएस, सोनी कुमारी एएनएम, अजय कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।