चंपारण की खबर::प्राकृतिक खेती से मिट्टी और किसानों का भविष्य सुरक्षित होगा : राधामोहन सिंह

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मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री एवं सांसद राधा मोहन सिंह 12 जून को “खेत बचाओ अभियान” के तहत आयोजित “प्राकृतिक खेती सम्मेलन सह शारदीय खरीफ महाभियान-2026” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अंगीभूत कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी ने किया था।
सांसद श्री सिंह ने कहा कि यह सिर्फ सम्मेलन नहीं, बल्कि मिट्टी, कृषि और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने का सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राकृतिक खेती और शून्य लागत खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। इसका मकसद खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की सेहत सुधारना, पर्यावरण संतुलन रखना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।

– 1 से 30 जून तक चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे देश में “खेत बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान का लक्ष्य किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने के लिए जागरूक करना है। साथ ही खेत, मिट्टी, जल और पर्यावरण की रक्षा करते हुए किसानों की उत्पादन लागत घटाकर आय बढ़ाना है।

सांसद ने कहा कि पूर्वी चंपारण कृषि प्रधान जिला है। यहां की कृषि परंपरा, पशुधन और मेहनती किसान प्राकृतिक खेती को सफल बनाने की बड़ी क्षमता रखते हैं। अगर इसे जन-आंदोलन बना दें तो किसानों की आय बढ़ेगी और मिट्टी, जल, पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।