बाल तस्करी एवं पुनर्वास विषय पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

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मोतिहारी, दिनेश कुमार।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मोतिहारी के सभागार में शनिवार को न्याय प्रोजेक्ट डंकन रक्सौल के तत्वाधान में कैपेसिटी बिल्डिंग एंड सेंसिटाइजेशन कंसल्टेशन फॉर द ज्यूडिशियल ऑफिसर्स एंड पैनल लॉयर्स की संयुक्त संगोष्ठी हुई। संगोष्ठी का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष देवराज त्रिपाठी एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किए। संगोष्ठी में बाल तस्करी एवं पुनर्वास विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष देवराज त्रिपाठी ने कहा कि बाल तस्करी और मानव व्यापार वहीं पनपता है, जहाँ गरीबी और अशिक्षा व्याप्त होती है। लोग लालच और लाभ की चाह में तस्करों का शिकार आसानी से बन जाते हैं। इस अपराध को समाप्त करने के लिए बार और बेंच को मिलकर ठोस पहल करनी होगी। वहीं
प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश नितिन त्रिपाठी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि बच्चों को तस्करी से मुक्त कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका पुनर्वास, समुचित शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना भी हमारी नैतिक व कानूनी जिम्मेदारी है। मिडिएशन फॉर द नेशन अभियान के संयोजक सह उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश मुकुंद कुमार ने कहा कि मानव तस्करी एवं बाल शोषण एक विडंबना व विकराल समस्या बनता जा रहा है। सार्थक जागरूकता अभियान चलाकर एवं सुदूर गांवों में लोगों को इसके बुरे परिणाम होने के प्रति जागरूक करना होगा। वहीं
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत कुमार तिवारी ने कहा कि पूर्वी चंपारण जिला की सीमा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे होने के कारण मानव तस्करी संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। जिसको सामूहिक प्रयासों से ही जड़ से समाप्त किया जा सकता है। संगोष्ठी में संजू सिंह, संभव गुप्ता, अधिवक्ता सह साधनसेवी ताराकांत ऋषि आदि ने अपने विचार रखे। संगोष्ठी में सभी ने यह संकल्प लिया कि मानव तस्करी और बाल शोषण को समाप्त करने के लिए विधिक जागरूकता, संवेदनशीलता एवं समन्वित प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। संगोष्ठी में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश इसरार अहमद, न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद, रेशमा वर्मा, राज विजय सिंह, ऋचा भार्गव प्रसेनजीत सिंह, श्वेता सिंह, नसीम नजर सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों के अलावे न्याय नेटवर्क प्रोजेक्ट के निदेशक तों जॉन, प्रबंधक प्रणय सोमित मोहंती, परियोजना पदाधिकारी कामेश पॉल, गौरव कुमार राव, आरती कुमारी आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।