लोमष ऋषि पहाड़ी पर लगा रक्षाबंधन मेला,आस्था और पर्यटन की मांग

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रजौली

रजौली पूर्वी पंचायत के सरमसपुर गांव के समीप स्थित ऐतिहासिक लोमष ऋषि पहाड़ी पर रक्षाबंधन के मौके पर एक विशाल मेले का आयोजन हुआ।इस दौरान, हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और धार्मिक उत्साह के साथ पूजा-अर्चना की।इस मेले में आए रजौली पश्चिमी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह एवं रजौली पूर्वी पंचायत के मुखिया संजय यादव समेत कई लोगों ने पहाड़ी पर स्थित याज्ञवल्क्य ऋषि की पूजा कर अपने और अपने क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।इस दौरान स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से इस प्राचीन और धार्मिक स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी की। साथ ही उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की अपील भी की।मेले का माहौल काफी रंगीन था, जहां बच्चों ने खिलौने खरीदे और जलेबियों का लुत्फ उठाया।यह मेला स्थानीय आस्था और संस्कृति का एक जीवंत प्रतीक बन गया।

याज्ञवल्क्य ऋषि और लोमष ऋषि का महत्व :-

यह पहाड़ी दो महान ऋषियों से जुड़ी है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।पहला याज्ञवल्क्य ऋषि जोकी हिंदू धर्म में एक महान विद्वान और दार्शनिक माने जाते हैं। उन्हें शुक्ल यजुर्वेद और शतपथ ब्राह्मण जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों का रचयिता माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने सूर्य देव से सीधे ज्ञान प्राप्त किया था। रजौली की यह पहाड़ी उनकी तपस्या स्थली मानी जाती है।इनके साथ ही दूसरा ऋषि लोमष हैं। इस पहाड़ी का नाम पौराणिक ऋषि लोमष के नाम पर पड़ा है। मान्यता है कि उन्हें इतनी लंबी आयु का वरदान प्राप्त था कि उनके शरीर से एक हजार साल में एक बाल गिरता था। उन्हें लंबी उम्र और गहन ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।यहां पर प्रत्येक साल रक्षाबंधन बंधन पर लगने वाला मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे स्थानीय लोग अपने इतिहास और संस्कृति को संजोकर रखना चाहते हैं। इस स्थल को विकसित करने से न केवल यहां की धार्मिक आस्था को सम्मान मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र पर भी अपनी जगह बना सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बलों की थी तैनाती :-

थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश कुमार के नेतृत्व में रक्षाबंधन के अवसर पर मेले में आए लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महिला व पुरुष बलों की तैनाती की गई थी। जोकी मेले में उपद्रवियों पर पैनी निगाह रखे हुए रहे। यहां तैनात पुलिस बल हरेक मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार थे।