
जिसमें डीएम विवेक रंजन मैत्रेय एवं जेल सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सहित अन्य भाई बहनों के कलाई पर राखी बांधते हुए अलौकिक भाई-बहन प्रेम का त्यौहार रक्षाबंधन मनाया है।
डीएम ने अपने संबोधन में कहा है कि अलौकिक रक्षाबंधन, जिसे “दिव्य रक्षाबंधन” भी कहा जा सकता है, एक विशेष प्रकार का रक्षाबंधन उत्सव है जो आध्यात्मिक और पवित्रता के महत्व पर जोर देता है। यह त्यौहार भाई-बहन के बंधन को मजबूत करने के साथ-साथ, आध्यात्मिक उन्नति और आत्म-शुद्धि का भी प्रतीक है।
जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया है कि यह त्यौहार केवल भाई-बहन के पारंपरिक बंधन से बढ़कर, आध्यात्मिक रिश्तों और आत्म-साक्षात्कार की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है।
इस दिन, बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधते समय, पवित्रता और अच्छे कर्मों का संकल्प लेती हैं।
केंद्र की संचालिका बहन भारती ने बताया है कि यह त्यौहार भाई की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करने के साथ-साथ, आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा का आदान-प्रदान भी करता है।सामाजिक सद्भाव और एकता को बढ़ावा देता है, क्योंकि यह सभी के लिए प्रेम और सुरक्षा की भावना का प्रतीक है।