पीड़ित मानवता की सेवा करने सें आत्मिक सुख की प्राप्ति होती है: रौशन माधव

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सहरसा

कहावत है ईश्वर नींद से भूखा जगाता जरूर है परन्तु रात को भूखा नही सुलाता है।भगवान सभी को किसी ना किसी जरिए आहार जरूर उपलब्ध कराता है।चाहें हाथी को मन भर खुराक की जरूरत हो अथवा चींटी को एक कण देकर उसका पेट अवश्य भरते है।ऐसे में भगवान का माध्यम बनकर भूखे लोगों को समाजसेवी रौशन माधव रोटी बैंक के माध्यम सें प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराते है।युवा समाजसेवी रौशन माधव उन अभ्यर्थियों के बीच भोजन वितरण करते हुए नजर आयें जो बिहार पुलिस दक्षता में शामिल होने सहरसा आयें हुए थे। बता दूँ की बहुत ऐसे अभ्यर्थी है जो स्टेशन परिसर में रात बिता कर सुबह परीक्षा देने जाते है ।

रौशन बताते है की बहुत से ऐसे अभ्यर्थी थे जो भूखे सो रहे थे जिन्हें बिस्कुट, केला, भुजिया, पानी दे कर सेवा किए, सेवा के दौरान कई अभ्यर्थी भावुक हो गए । रौशन कहते है की सहरसा से कोई मेहमान भूखे चले जाते तो इससे दुखद क्या हो सकती है । ज्ञात हो की कई वर्षो से रौशन सेवा दे रहें है, भुखमरी, स्वास्थ्य पर रौशन बिगत 9 वर्षो से काम कर रहे है।साथ ही सेवा क्रम में भूखे को अन्न,प्यासे को पानी,जरूरतमंद को चप्पल, मच्छर दानी,बीमार को दवा देकर दिन रात सेवा में तत्पर रहते है।माधव बताते है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है।जरुरतमंदों की निरन्तर सेवा करने सें आत्मसंतुष्टि मिलती है।साथ ही पीड़ित मानवता की सेवा करने सें आत्मिक सुख की प्राप्ति होती है।