
रजौली
प्रखण्ड क्षेत्र में नदियों में आये बाढ़ के कारण तटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मिट्टी की कटाई हुई है।मिट्टी का कटाव इतना ज्यादा हुआ है कि कर्बला नगर में निर्मित दर्जनों घरों के नींव डगमगा रहे हैं।ग्रामीण मो. सलीमुद्दीन,साहब खां,काजल परवीन,वसीम,शबाना खातून,मुमताज आलम समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि बीते कई दिनों से हो रही बारिश के कारण नदी किनारे की भूमि का कटाव काफी तेजी से हो रहा है।ग्रामीणों ने कहा कि अभी बारिश का मौसम आधा ही खत्म हुआ है और हालात इतने बुरे हैं कि हमसभी काफी डरे हुए हैं।ग्रामीणों में डर है कि इसी रफ्तार से मिट्टी कटाव जारी रहा,तो वह दिन दूर नहीं है जब उनके घरों की नींव धराशाही ना हो जाये।यदि मोहल्ले में एक घर धराशाही होता है,तो आसपास के घरों को भी काफी नुकसान पहुंचने की संभावना है।वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया कि बारिश और बाढ़ आने से पूर्व बाढ़ नियंत्रण केंद्र नालन्दा से कुछ इंजीनियर और पदाधिकारी आये थे।उनके द्वारा प्लास्टिक के बोरों में बालू भरकर मिट्टी के कटाव को रोकने की बात कही गई थी।पदाधिकारियों द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में कुछ प्लास्टिक के बोरों में बालू को भरकर नदी किनारे रखा गया था,जो पूर्णतः विफल साबित हो रही है।ग्रामीणों ने तेज रफ्तार से हो रही मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के पास 52 ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त लिखित आवेदन देकर नदी किनारे दीवार निर्माण करने की अपील की है।ग्रामीणों का मानना है कि यदि मिट्टी के कटाव को नहीं रोका गया,तो नदी में आये बाढ़ के कारण उनके घरों को काफी नुकसान पहुंच सकता है और जन-जीवन भी काफी प्रभावित हो जाएगा।
क्या कहते हैं पदाधिकारी :-
इस बाबत प्रखण्ड विकास पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।वहीं कर्बला नगर की वस्तु बताये जाने पर उन्होंने कहा कि स्थल निरीक्षण के बाद अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।