
रजौली
थाना क्षेत्र में बाइकों की चोरी होना आम बात सी हो गई।चोरों के लिए अनुमंडलीय अस्पताल परिसर बाइक चोरी का गढ़ बनकर रह गया है।अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरा संचालन में भी काफी अनियमितता सामने आई है।वहीं अस्पताल में तैनात कर्मी भी बाइक चोरों के डर से अपने बाइकों को अस्पताल के अंदर ही पार्क करके ड्यूटी करते हैं।ताजा मामला मंगलवार की सुबह का है,नगर पंचायत के वार्ड संख्या 1 के कोनीवर मोहल्ला निवासी जनार्दन मांझी की पत्नी फूलो देवी अपने पुत्र सुधीर कुमार के साथ स्प्लेंडर बाइक संख्या बीआर27यू2988 पर सवार होकर सुबह लगभग 8:30 बजे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची।बाइक को अस्पताल परिसर के अंदर गेट पर ही पार्क करके इलाज करवाने अस्पताल चली गई।अस्पताल से इलाज करके जब वे अपने घर जाने के लिए लौटी,तो देखी कि बाइक गेट के पास नहीं है।काफी खोजबीन किये जाने के बाद भी बाइक नहीं मिली,तो आसपास रहे लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना को देने की बात कही।इसी बीच कैदी को स्वास्थ्य जांच के लिए आये एएसआई परमेश्वर महतो को थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश कुमार द्वारा मामले की जांच करने को कहा।

सीसीटीवी में टेक्नीशियन द्वारा बरती गई अनियमितता :-
पुलिस पदाधिकारी सीसीटीवी की जांच के लिए चिकित्सक के कमरे में लगे मॉनिटर की जांच करने गए,तो अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि टेक्नीशियन नहीं है।किंतु पवन कुमार नाम का एक कर्मी रिकॉर्डिंग दिखाने में मदद कर सकता है।अस्पताल कर्मी पवन कुमार द्वारा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान सीसीटीवी में गलत डेट और टाइम सेट किया पाया गया।इससे सीसीटीवी फुटेज की जांच में जटिलता सामने आई।इसके बाद पुलिस बल वापस थाना लौट आई।
चोरी के समय सीसीटीवी में छाया रहा अंधेरा:-
पुलिस बलों के अस्पताल से लौट जाने के बाद पीड़ित परिजनों ने अस्पताल कर्मियों के हाथ पैर जोड़े,तो गेट पर लगे सीसीटीवी के कैमरे संख्या 02 की जांच की गई।जांच के दौरान पाया गया कि चोरों द्वारा बाइक चोरी की घटना के समय सीसीटीवी फुटेज एकदम काला है।इसके पीछे कर्मियों द्वारा तर्क दिया गया कि बिजली नहीं रहने के कारण कैमरा अच्छे से रिकॉर्ड नहीं किया होगा।जबकि दिन के उजाले में लगे बाइक को सीसीटीवी कैद क्यों नहीं कर पाया.? यह सवाल पीड़ित परिजनों के मन में बार बार उठ रहा था।अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे बन्द होने से बाइक चोरी की घटना का कुछ पता ही नहीं चल रहा,तो ऐसे में सीसीटीवी की उपयोगिता पर एक गम्भीर सवाल उठता है।

दर्जनों बार हुई चोरी,अबतक किसी का खुलासा नहीं :-
अनुमंडलीय अस्पताल के गेट के समीप से बीते कुछ महीनों में मरीजों के दर्जनों बाइकों की चोरी सीसीटीवी के सामने से हुई है।उसके बावजूद पुलिस और अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसका कोई खुलासा नहीं किया गया है।बीते पांच दिनों पूर्व भी एक मरीज की बाइक चोरी हुई थी।लोगों ने कहा कि बाइक चोरी के बाद थाना में पीड़ित द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है,किन्तु पुलिस के हाथ,चोरों के गिरेबान से बहुत दूर होता हुआ प्रतीत होता है।
अस्पताल गार्ड द्वारा बरती जा रही लापरवाही :-
अनुमंडलीय अस्पताल में ओपीडी के समय तीन से चार गार्ड की तैनाती है,किन्तु गार्ड आपसी मेलमिलाप से दो की उपस्थिति अस्पताल में पाई जाती है।यदि अस्पताल आने वाले मरीजों की बाइक चोरी हो रही है,तो क्या अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं बनती है कि वे परिसर में लगे बाइकों की देखभाल करवाएं।

अस्पताल कर्मी अस्पताल के अंदर बना रखे हैं पार्किंग :-
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से चिकित्सक समेत अन्य कर्मी अपने अपने बाइकों को अस्पताल के अंदर रखते हैं।नाम नहीं छापने के शर्त पर एक कर्मी द्वारा बताया गया कि बाइक को अंदर पार्क करने पर सिविल सर्जन द्वारा निरीक्षण के क्रम में कई बार डांट फटकार भी लगाया गया है।किन्तु अस्पताल के हालात अबतक नहीं सुधर पाया है।अस्पताल में आने-जाने वाले सभी लोगों के मन में बाइक चोरों को लेकर भय बना हुआ रहता है।
पीड़ित परिजनों का रो-रो कर हुआ बुरा हाल:-
अस्पताल में इलाज करने पहुंची फूलो देवी का रो-रो कर बुरा हाल है।उन्होंने बताया कि बीते तीन दिनों से बुखार रह रहा था,इसलिए वे अपना इलाज करवाने मंगलवार की सुबह अस्पताल आई।अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. गुलाम अनीश द्वारा इलाज करवाने के बाद दवाई लेकर जैसी ही वापस बाहर आई,तो देखी की उसका बाइक चोरी हो गया है।पीड़िता ने बताई कि चोरी गए बाइक को उसके बड़े पुत्र बब्लू मांझी ने क़िस्त पर खरीदा था,जिसका मासिक क़िस्त अभी भी दिया जा रहा है।पीड़ित परिजनों ने थाने को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाने की बात कही है।
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष :-
इस बाबत थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर से बाइक चोरी को लेकर सूचना मिली है।पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।