
मोतिहारी। दुनिया के सबसे चर्चित राजनेता व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोतिहारी के 13 वर्षीय अनुराग गुप्ता द्वारा कार्टून से बनाए गए, राम मंदिर कलाकृति को स्वीकार कर लिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरी चिट्ठी आपको जरूर मिलेगी.
मोतिहारी नगर निगम स्थित सिंघिया हीबन वार्ड नंबर 01, स्थित सिंघिया गुमटी के दवा व्यवसाई कामेश्वर साह व आंगनबाड़ी सेविका सरिता कुमारी के छोटे पुत्र अनुराग गुप्ता ने अपने दुकान से निकलने वाले कार्टून से राममंदिर का एक कलाकृति तैयार किया और वो इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करना चाहते थे. इस कलाकृति को उन्होंने आठ दिन के अथक परिश्रम के बाद बनाया. 13 वर्षीय अनुराग दो भाईयों में छोटे हैं एवं मोतिहारी के स्थानीय मॉडर्न पब्लिक स्कूल के कक्षा 07 में पढ़ाई कर रहे हैं.

मोतिहारी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मंच पर भाषण दे रहे थे, तभी 5 लाख की उपस्थिति भीड़ के बीच में राम मंदिर कलाकृति लेकर खड़े अनुराग गुप्ता पर उनकी नज़र पड़ी, इस दौरान उन्होंने भरे मंच से कहा कि यहां एक नौजवान पूरा राम मंदिर बनाकर ले आया है. क्या भव्य काम किया है. मुझे लगता है कि वो मुझे भेंट करना चाहते हैं.!!
इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने सुरक्षा में लगे एसपीजी को ईशारा करते हुए अनुराग से राम मंदिर को स्वीकार करने के लिए कहते हुए कहां कि इसपर अपना नाम पता लिख देना मैं आपको चिट्ठी लिखूंगा, मेरी चिट्ठी जरूर मिलेगी आपको.

वहीं प्रधानमंत्री ने अनुराग का आभार व्यक्त करते हुए कहां कि जहां सीता माता का स्मरण नित्य होता हैं वहां आप मुझे अयोध्या की भव्य मंदिर की कलाकृति दे रहे हैं. मैं आपका बहुत ही आभारी हूं
नौजवान. पूछा कि क्या यह राम मंदिर अपने स्वयं बनाया है..??
वहीं अनुराग के पिता कामेश्वर साह ने बताया कि अनुराग ने प्रधानमंत्री को भेंट करने के लिए राम मंदिर की कलाकृति बनाया था, आज प्रधानमंत्री ने मंदिर कलाकृति स्वीकार कर लिया और अनुराग का सपना साकार हो गया.
इस दौरान अनुराग के अंकल बीपीएससी शिक्षक नकुल कुमार ने कहा कि अनुराग काफी मेहनती लड़का है. जब भी मैं घर जाता हूं तो देखता हूं कि अनुराग कुछ ना कुछ बनाते रहता है. इस बार कार्टून से राम मंदिर बना रहा था, पूछने पर बताया कि वह मोदी जी को भेंट करना चाहता है. मैने अनुराग को शाबाशी देकर प्रोत्साहित किया.
5 किलो कार्टून से बनाया मंदिर का माॅडल
अनुराग कुमार ने बातचीत करते हुए बताया कि इसके लिए उन्होंने अपने दुकान से निकलने वाले उपयोग होने वाले लगभग पांच किलो के एक कार्टून का प्रयोग किया है. वहीं जोड़ने के लिए ग्लू एवं रंगने के लिए अपने ड्राइंग कलर का प्रयोग किया है.
आठ दिन में बनकर तैयार हुआ मंदिर
अनुराग कहते हैं कि इसको तैयार करने में लगभग ₹100 व कुल आठ दिन का समय लगा है. इसके लिए उन्होंने गर्मी की छुट्टी में पढ़ाई से समय बचाकर बनाया. इसके लिए सबसे पहले कार्टून पर नक्शा खींचा, फिर कैंची व ब्लेड की सहायता से पीलर, डिजायन, गुम्बद, राम दरबार बनाया काटकर अलग किया. इन सबमें एक-एक दिन का समय लगा, वहीं चिपकाने में एक दिन, कलर करने में दो दिन का समय लगा, वही आठवें एवं अंतिम दिन मंदिर को फाइनल टच दिया गया.
अनुराग के दादा-दादी धार्मिक प्रवृत्ति के हैं. वे अक्सर अयोध्या जाते रहते हैं एवं भगवान राम एवं रामायण की कहानी अनुराग को सुनाया करते हैं. उनके धर्म परायणता का अनुराग पर पूरा असर पड़ा है. अनुराग, भगवान राम के प्रति काफी श्रद्धा रखता है.
बिहार प्रभारी मनीष कुमार सिंह