*शिक्षक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण क्रिया है नियमित अभ्यास पाठ : डॉ शैलेश*

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*• मॉडर्न एजुकेशनल ग्रुप के सचिव द्वारा अभ्यास पाठ के लिए प्रशिक्षुओं को हरी झण्डी दिखाकर किया गया रवाना* 


*• मॉडर्न कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन (एमसीई) के बीएड एवं डीएलएड के प्रशिक्षुओं में दिखा अभ्यास पाठ कार्यक्रम में जाने के लिए गजब का उत्साह*


*• एन सी टी ई के निर्देशानुसार प्रशिक्षु चार सप्ताह (01 माह) तक करेंगे अभ्यास पाठ*
*महाविद्यालय प्रतिनिधि।* शिक्षक प्रशिक्षण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अभ्यास पाठ महत्वपूर्ण है ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षक का निर्माण संभव हो पाए। उक्त बातें मॉडर्न शैक्षणिक समूह (मॉडर्न एजुकेशनल ग्रुप), नवादा के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में बिहार एवं झारखण्ड के प्रख्यात समाजसेवी एवं शिक्षाविद तथा मॉडर्न शैक्षणिक समूह (मॉडर्न एजुकेशनल ग्रुप) के सचिव सह एसोसिएशन ऑफ़ टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन्स, पटना, बिहार के महासचिव एवं एस0ए0 फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा विश्व विकास समिति के सचिव डॉ शैलेश कुमार ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नियमित अभ्यास पाठ के लिए प्रशिक्षुओं को रवाना करते समय अपने सम्बोधन में कहा। मॉडर्न एजुकेशनल ग्रुप के सचिव डॉ शैलेश कुमार ने कहा कि शिक्षा सामान्य पुरुष को दार्शनिक बना देती है क्योंकि उससे व्यक्ति के व्यक्तित्व में असाधारण परिवर्तन हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि यदि शिक्षा का अभ्यास नहीं किया जाये तो धीरे धीरे उसका लोप हो जाता है। सचिव डॉ शैलेश कुमार ने आज की वर्तमान युवा पीढ़ी से शिक्षा को तन मन धन से खुद में आत्मसात करने का संकल्प दिलाया ताकि वो अपने सफल भविष्य के मालिक बन सके। उन्होंने शिक्षा ग्रहण करना जितना आवश्यक बताया उतना ही उसके राष्ट्र सेवा में प्रयोग पर जोर भी दिया।
*• जिले के विभिन्न विद्यालयों में अभ्यास पाठ के लिए भेजे गए बीएड एवं डीएलएड के प्रशिक्षुगण*
इससे पहले मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव डॉ शैलेश कुमार एवं मॉडर्न कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के डीएलएड प्रभारी देवकांत साहू द्वारा अध्ययनरत बीएड एवं डीएलएड के प्रशिक्षुओं को अभ्यास पाठ हेतु निर्गत पत्र के साथ हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रवाना करते समय प्रशिक्षुओं को अपने सम्बोधन की शुरुआत “करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान। रसरी आवत जात तें सिल पर पडत निशान” दोहे के साथ करते हुए सचिव डॉ शैलेश ने कहा कि अगर इतिहास के पन्नो को गहनतापूर्वक अवलोकन करने पर पाएंगे जो परिश्रम किया उसके सामने सारा जमाना झुका जो परिश्रम से डरा उसने अपना भविष्य खो दिया। सचिव डॉ शैलेश ने अभ्यास पाठ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का एक अभिन्न अंग है जिसमें प्रशिक्षाणर्थियो को पढ़ाने की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान होता है अभ्यास पाठ में सिखने के साथ साथ प्रशिक्षु आत्मबल, अनुशासन, कर्मनिष्ठा और समाज को नई दिशा देने का सोच अपने अंदर विकसित करते है। उन्होंने गुरु को समाज का दर्पण करार देते हुए है कहा कि अध्यापक का चरित्र आदर्शवान होना आवश्यक है। सचिव डॉ शैलेश ने बताया कि एन सी टी ई के निर्देशानुसार उपरोक्त प्रशिक्षण महाविद्यालय के बीएड प्रशिक्षु चार सप्ताह (01 माह) तक अभ्यास पाठ करेंगे। इस अवसर पर सचिव डॉ शैलेश कुमार के साथ-साथ मॉडर्न कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के सहायक प्रो जुली सिन्हा, सहायक प्रो धर्मेन्द्र कुमार यादव सहित अन्य प्राध्यापकों ने प्रशिक्षुगणों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दिया।