
मुजफ्फरपुर से बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है आखिर सच क्या है महामंडलेश्वर की उपाधि कैसे आसानी से प्राप्त कर लेते हैं लोग महामंडलेश्वर की उपाधि देने वाली संस्था वैध है या अवैध इस पर भी संशय बना हुआ है धर्म के साथ खिलवाड़ करने के लिए एवं धर्म के आड़ में अपना दुकान चलाने वाले कुछ लोगों ने सनातन धर्म को बदनाम करके रख दिया है इसी सिलसिले में एक मुजफ्फरपुर से भी खबर आ रही है कि महामंडलेश्वर की उपाधि कैसे मिली सवाल लाजमी है आखिर ऐसे कैसे हो सकता है बड़े से बड़े आचार्य बैठे हुए हैं उत्तर बिहार के बैद्यनाथ धाम बोले जाने वाले बाबा गरीब नाथ मंदिर में एवं बाबा गरीब नाथ के क्षेत्र में बड़े से बड़ा उपाधि लेकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं पूजा पाठ कराकर एवं लोक कल्याण करते हुए उपाधि लेने वाले उन महान व्यक्तित्वों के ऊपर ही सवाल बन कर रह गया है आचार्य का उपाधि वेद ग्रंथ में अच्छे से अच्छे ज्ञानी होने के बाद भी किसी को महामंडलेश्वर का उपाधि अभी नहीं मिला और यहां पर एक ऐसे व्यक्ति को महामंडलेश्वर का उपाधि मिल चुका है जिसको वेदों में ज्ञान एवं कर्मकांड भास्कर में अगर पूछा जाए तो बिल्कुल जीरो जानकारी रखने वाले व्यक्ति को महामंडलेश्वर का उपाधि कैसे बहुत बड़ी सवाल है यह क्या ममता कुलकर्णी के जैसा 20 लाख में खरीदा हुआ महामंडलेश्वर की उपाधि तो नहीं अगर इस तरह से है तो 20 लाख वहीं व्यक्ति दे सकता है जिसके पास काला धन संग्रह करके रखा हो समाज को गुमराह करता हो और पैसे के ताकत से वह सब कुछ प्राप्त कर सकता है जो दुनिया को मूर्ख बनाने में सफलता मिले सनातन का ढोंग कर कर सनातन को ही लूटने वाले ऐसे सनातन विरोधियों के साथ सवाल तो बनता है इसका खुलासा बहुत जल्द होने वाला है आप सभी नजर बनाए रखें ।
