
– सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारत बना है आत्मनिर्भरता
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
डीआरडीओ बिहार के मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह परिसर में चार दिवसीय विशाल प्रदर्शनी का आगाज देश की अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों और आत्मनिर्भर भारत पहल के भव्य प्रदर्शन से हुआ।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का 15 से 18 अप्रैल, 2026 तक महात्मा गांधी प्रेक्षागृह परिसर में भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में अत्याधुनिक तकनीकों, उन्नत रक्षा प्रणालियों और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में किए जा रहे सशक्त प्रयासों का व्यापक प्रदर्शन किया गया है। इस महत्वपूर्ण प्रदर्शनी का आयोजन सांसद, पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एवं रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह के प्रयास से हुआ। इस प्रदर्शनी की विषयवस्तु ‘शांति, सत्य और विज्ञान का संगम-सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर’ रखी गई है।
बताया गया कि प्रदर्शनी में उन्नत रक्षा प्रणालियों से युक्त अत्याधुनिक मॉडलों और स्वदेशी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का आकर्षक प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यूएंडसी) सिस्टम, आकाश सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल, आकाश-एनजी (नई पीढ़ी) मिसाइल लॉन्चर, ब्रह्मोस मिसाइल, पृथ्वी मिसाइल, एंटी-सैटेलाइट (ए-सैट) मिसाइल, नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, प्रलय मिसाइल, मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम), एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस), पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (एमएलआरएस), मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी) अर्जुन एमके-I&II, भारतीय लाइट टैंक (आईएलटी), मॉड्यूलर ब्रिजिंग सिस्टम, ड्रोन डिटेक्शन रडार, उत्तम एईएसए रडार, होलोग्राफिक साइट, ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन एंड अलार्म (एसीएडीए) सिस्टम, केमिकल एजेंट मॉनिटर (सीएएम), केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर (सीबीआरएन) जल शुद्धिकरण प्रणाली (सीबीआरएन-डब्ल्यूपीएस), बैक पैक-5केजी, एनबीसी सूट एमके-V, मल्टी-फंक्शनल माउंटेड गन सिस्टम (एमजीएस), व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (डब्ल्यूएचएपी) के लिए कंपोजिट आर्मर, कावेरी इंजन का रैपिड प्रोटोटाइप मॉडल, कावेरी इंजन का स्पेशल रियलिटी डिस्प्ले, ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट, बैलिस्टिक हेलमेट, नौसेना स्टील और अन्य सामग्री प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें डीआरडीओ द्वारा विकसित उन अत्याधुनिक तकनीकों एवं प्रणालियों को करीब से देखने व समझने का अवसर प्रदान करेगा, जो देश की रक्षा क्षमताओं को सशक्त बना रही हैं।
मौके पर डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ० रविन्द्र कुमार, निदेशक राज्यसभा पार्लियामेंट एवं जनसंपर्क बिपिन कुमार कौशिक , निदेशक सिविल वर्क्स कर्नल चौबे, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्विद्यालय मोतिहारी के कुलपति संजय श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, चीफ इंजीनियर डॉ बी के सिंह,वरिष्ठ वैज्ञानिक देवेंद्र शर्मा, लेफ्टिनेंट कर्नल अभिनव कुमार, एडिशनल चीफ इंजीनियर बृजेश कुमार, वैज्ञानिक अमित शर्मा, टेक्निकल ऑफिसर संजीव कुमार, उप महापौर डॉ लालबाबू प्रसाद, उपविकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित मंच पर उपस्थित रहे।
