चंपारण की खबर::महोत्सव ने “चंपारण सत्याग्रह” की ऐतिहासिक स्मृतियों को ताजा कर गया

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चंपारन सत्याग्रह महोत्सव में शैक्षिक जागरूकता पर दिया जोर

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

जिले के कोटवा प्रखंड स्थित पट्टी जसौली गांव में चंपारण सत्याग्रह महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह की ऐतिहासिक स्मृतियों को ताजा करना और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ना था।
महोत्सव के दौरान विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने पारंपरिक गीत-संगीत, लोकनृत्य और देशभक्ति नाटकों की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और स्वतंत्रता आंदोलन की यादें ताजा कीं। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटकों में चंपारण सत्याग्रह के संघर्ष और महात्मा गांधी के नेतृत्व को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।

– लगाई पेंटिंग प्रदर्शनी

मध्य विद्यालय सुंदरापुर की छात्राओं ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक पेंटिंग प्रदर्शनी भी लगाई। इन पेंटिंग्स के जरिए चंपारण सत्याग्रह के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया। छात्राओं ने गांधी जी की चंपारण यात्रा, पट्टी जसौली गांव में उनके भ्रमण और प्रवास के दौरान उनके साथियों के चित्रों को चित्रित किया। इन चित्रों ने दर्शकों का ध्यान खींचा और ऐतिहासिक पलों को प्रस्तुत किया।
इस महोत्सव में शिक्षा और संस्कृति के साथ-साथ जन जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि, बाल विकास, बिजली, सौर ऊर्जा और स्वास्थ्य सहित लगभग 20 विभागों ने अपने स्टॉल लगाए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों ने इन स्टॉलों में सक्रिय रूप से जानकारी प्राप्त की।  स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता लाने और युवाओं को देश के इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। महोत्सव ने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ विकास और जागरूकता का संदेश भी दिया।