
मुजफ्फरपुर,
17 मार्च 2026
जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल-जीवन-हरियाली तथा जिला कृषि टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा संबंधित कर्मियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि मनरेगा के तहत जिले में अब तक 262 खेल मैदान एवं 72 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और उनके समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष टीमों के गठन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों—जैसे बीडीओ एवं बीपीआरओ—की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमित निरीक्षण कराया जाए, ताकि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।

जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को निर्देशित किया कि सभी पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी केंद्रों को अविलंब संबंधित विभाग को हैंडओवर कर उन्हें क्रियाशील बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण के बाद भवनों का सदुपयोग आवश्यक है, इसलिए समयबद्ध तरीके से इन्हें संचालित किया जाना चाहिए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल संरक्षण के उपायों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने सार्वजनिक कुओं के रिचार्ज की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कुएं सूखने या अनुपयोगी (डेड) नहीं होने चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और जल स्रोतों की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही, कुओं के जीर्णोद्धार एवं उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने डीपीआरओ एवं बीपीआरओ को सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार हेतु टीम का गठन कर निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सोख्ता निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके और भूजल स्तर में सुधार हो।
बैठक के दूसरे चरण में जिला कृषि टास्क फोर्स की समीक्षा की गई। इस दौरान फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति पर चर्चा की गई । जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन किसान सलाहकारों ने जिला औसत या उससे अधिक उपलब्धि हासिल की है, उनके लंबित वेतन का भुगतान अविलंब किया जाए। वहीं, जिनकी उपलब्धि जिला औसत से कम है, उन्हें शो-काउज जारी किया जाए, ताकि कार्य में सुधार लाया जा सके।

जिलाधिकारी ने आत्मा (ATMA) योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले में लीची सहित अन्य फलों के प्रिजर्वेशन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा विकसित की जाए तो किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा और फलों को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, बैठक में पशुपालन विभाग की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रखंड में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सालय की अद्यतन स्थिति की जानकारी जिला पशुपालन पदाधिकारी से प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन मोबाइल इकाइयों को सक्रिय रूप से संचालित किया जाए, ताकि पशुपालकों को समय पर उपचार और आवश्यक सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि पशुपालन क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाना ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण, जल संरक्षण, कृषि विकास तथा पशुपालन को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य की समीक्षा कर सुधार लाया गया, जिससे जिले में समग्र विकास को गति मिलेगी।
