सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर द्वारा आयोजित

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तीन दिवसीय “प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेला” का समापन दिनांक 15 मार्च 2026 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), गणिनपुर, मुजफ्फरपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



ज्ञातव्य है कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले का शुभारंभ श्री सुब्रत कुमार सेन, जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा 13 मार्च 2026 को किया गया था। मेले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के पारंपरिक एवं आधुनिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का सशक्त मंच प्राप्त हुआ।



समापन दिवस पर आयोजित तकनीकी सत्र की शुरुआत एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर के सहायक निदेशक श्री अंबूरी सलेमु राजूलू के स्वागत भाषण के साथ हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कलाओं को नया आयाम देने तथा कारीगरों को सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा 3 लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण प्रदान कर कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना परंपरा और नवाचार को जोड़ते हुए कारीगरों की उत्पाद गुणवत्ता तथा बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।



कार्यक्रम समन्वयक श्री भीमसेन, अन्वेषक, एमएसएमई-डीएफओ, मुजफ्फरपुर ने अपने संबोधन में लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं, अपने कार्य में नई तकनीक को अपनाएं तथा गुणवत्ता में सुधार लाते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।



राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), पश्चिमी, मुजफ्फरपुर के प्राचार्य श्री रवि कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में कारीगरों और शिल्पकारों की समृद्ध परंपरा रही है। बढ़ई, लोहार, कुम्हार, सुनार, दर्जी, नाई सहित अनेक पारंपरिक कारीगर अपने कौशल और परिश्रम से समाज की सेवा करते हुए हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं।



इस अवसर पर आकांक्षी प्रखंड फेलो, मुजफ्फरपुर, श्री पीयूष पांडे ने कहा कि कारीगरों का कौशल अत्यंत मूल्यवान है। उनके हाथों में समाज को समृद्ध और सुंदर बनाने की शक्ति निहित है। उन्होंने कारीगरों से अपने हुनर पर गर्व करने तथा निरंतर प्रयास के माध्यम से उसे और विकसित करने का आह्वान किया।



कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी श्री सगुणी पंडित एवं श्री मुन्ना कुमार ने तीन दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले में अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में सभी लाभार्थियों को मेले में सहभागिता के लिए सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इस अवसर पर सहायक निदेशक श्री अंबूरी सलेमु राजूलू द्वारा एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर के श्री पंकज मिश्रा, श्री शिवम् सिन्हा, श्री रितेश कुमार, श्री आदित्य कुमार सिंह, श्री आलोक कुमार एवं श्री प्रशांत को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।



कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारीगरों, उद्यमियों एवं आम नागरिकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न उत्पादों की सराहना की।

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