
- राजगीर में सम्राट जरासंध स्मारक की प्रथम वर्षगांठ पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बताया अनुकरणीय
- द्वापर युग के सबसे शक्तिशाली, दानवीर और शिव भक्त योद्धा को बताया पूरे भारत के एकीकरण का माध्यम
नवादा।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने कहा है कि जरासंध स्मारक निर्माण से मगध के इतिहास को समुचित सम्मान मिला है। राजगीर में सम्राट जरासंध स्मारक की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सबके लिए अनुकरणीय बताया। द्वापर युग के सबसे शक्तिशाली, दानवीर और शिव भक्त योद्धा को करार देते हुए डॉ.प्रेम कुमार ने कहा कि पूरे भारत के एकीकरण का माध्यम महाराज जरासंध रहे।
बिहार की ऐतिहासिक धरती राजगीर में सम्राट जरासंध स्मारक की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर जरासंध महोत्सव के भव्य आयोजन में अपार भीड़ का संबोधित करते हुए उन्होंने उपस्थितजनों को खूब प्रेरित किया। कला संस्कृति विभाग एवं नालंदा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया और सम्राट जरासंध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जरासंध धाम प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्याम भारती तथा उपाध्यक्ष सह नवादा के भाजपा नेता व वरीय समाजसेवी मनोज सिंह चंद्रवंशी के संयोजन में भव्य आयोजन हुआ। इनकी देखरेख में समस्त व्यवस्था की गयी थी।
इतिहास और गौरव का संगम है स्मारक
सभा को संबोधित करते हुए डॉ.प्रेम कुमार ने कहा कि राजगीर के कण-कण में सम्राट जरासंध का गौरवशाली इतिहास समाहित है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 2005 के पूर्व 23 हजार करोड़ के बजट वाले बिहार वर्तमान में 3.48 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। पूर्व राज्य आयोग सदस्य प्रमोद सिंह चंद्रवंशी ने राजगीर स्टेडियम का नाम सम्राट जरासंध के नाम पर रखने की मांग उठाई। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य डॉ.भीम सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, पूर्व एमएलसी रामबली सिंह चंद्रवंशी, डेन्टिस्ट डॉ.धर्मेंद्र कुमार, वरीय भाजपा नेता नित्यानंद सिंह, महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार चंद्रवंशी, रणविजय रोशन, सनोज चंद्रवंशी, सौरभ कुमार, नवीन कुमार मंटू, सत्येन्द्र कुमार, अजय कुमार बिगन, प्रहलाद कुमार, सुनील डीलर, भीम कुमार, मुन्ना सिंह आदि के साथ ही कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जरासंध किसी एक जाति के नहीं, बल्कि संपूर्ण प्रजा के राजा थे। इस महोत्सव ने न केवल ऐतिहासिक यादों को ताजा किया, बल्कि राजगीर के पर्यटन विकास की नई संभावनाओं को भी रेखांकित किया।

इससे पूर्व राजगीर डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने मनमोहक पेंटिंग प्रदर्शनी लगाई, जबकि विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान और सम्राट की जीवनी पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की।
