
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।
जहानाबाद -जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने डेंगू एवं चिकनगुनिया के नियंत्रण हेतु अंतर विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया ।
बैठक मे सिविल सर्जन , जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत मखदुमपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जिला स्वास्थ्य समिति, जिला एपिडेमियोलॉजी आईडीएसपी , जिला स्वास्थ्य समिति जहानाबाद, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी,जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार जिला पीरामल प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के सहयोग से शिक्षकों को डेंगू संक्रमण एवं रोकथाम के प्रचार प्रसार के लिए जागरूक किया जाए , सभी विद्यालयों के चेतना सत्र में डेंगू से संबंधित जानकारी जैसे मच्छरदानी का उपयोग , फुल कपड़ा पहनना , गमले में पानी जमा नहीं होने देना , पानी जमा होने वाले जगह को साफ सुथरा रखना, आसपास साफ सफाई करना आदि पर चर्चा किया जाए। ग्रामीण विकास विभाग एवं जीविका दीदी के माध्यम से डेंगू संक्रमण एवं रोकथाम के संबंध में प्रचार प्रसार एवं सभागीता सुनिश्चित किया जाने का निर्देश दिया । डेंगू के संक्रमण हेतु विशेष उस जगह को चिन्हित किया जाए जहां पर भवन निर्माण का काम चल रहा है वहां पर जल जमाव की स्थिति नहीं होने दिया जाए। समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वारा डेंगू के संक्रमण एवं रोकथाम के संबंध में सामुदायिक चेतना का प्रचार प्रसार किया जाए तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर ORS एवं पेरासिटामोल आदि की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए।
सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में डेंगू के लिए 05 बेड का मच्छरदानी युक्त वार्ड एवं PCH/CHC /RH अस्पताल के लिए दो -दो बेड का मच्छरदानी युक्त वार्ड बनाया गया है।

सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू जांच के लिए रैपिड कीट एवं सदर अस्पताल में डेंगू के कन्फर्म जांच के लिए एलिसा रीडर मशीन उपलब्ध है।
डेंगू मरीजो के स्थिति जानने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है जिस से डेंगू मरीजो की मॉनिटरिंग की जाती है।
डेंगू से प्रतिवेदित गांव में टेक्निकल मेलाथियान का फॉगिंग कराया जा रहा है
वही जिला पदाधिकारी ने बताई कि मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी है इसके लिए जिला स्तर से IDA सेंटर से समन्वय स्थापित कर जिला एवं प्रखंड स्तर के आयुष चिकित्सक को प्रशिक्षित किया जाएगा जिस से जिले एवं प्रखंड स्तर के फाइलेरिया मरीजों को लाभान्वित किया जा सके।
