फूटा ग्रामीणों का गुस्सा “रोड नहीं तो वोट नहीं”, जर्जर सड़क को लेकर जोरदार प्रदर्शन फोटो रहुआ में रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाकर प्रदर्शन करते ग्रामीण

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रोसड़ा /समस्तीपुर

रोसड़ा प्रखंड के रहुआ पंचायत में ग्रामीणों का सब्र आखिर टूट गया। त्रिमुहानी से रोसड़ा जाने वाली मुख्य सड़क की बदहाली को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर और “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाते हुए स्थानीय विधायक वीरेंद्र पासवान और सांसद शांभवी चौधरी के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया।ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए जीवन रेखा है, लेकिन वर्षों से उपेक्षित पड़ी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से कीचड़ और दलदल जैसी स्थिति हो जाती है। पैदल चलना तक दूभर हो गया है। इस वजह से बच्चों का स्कूल जाना, बीमारों का अस्पताल पहुँचना और आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिवजी सहनी ने कहा, “हमारे नेता सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं। लेकिन हमारी बुनियादी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब हमनें ठान लिया है कि सड़क नहीं बनी तो वोट भी नहीं देंगे।”

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि वाहन तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। कई बार बीमार लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।पंचायत के मुखिया बैजनाथ शर्मा ने कहा कि उन्होंने सड़क की समस्या को लेकर मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात कर लिखित मांगपत्र भी सौंपा था। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। “सरकार और प्रशासन की उदासीनता का खामियाज़ा जनता को भुगतना पड़ रहा है।प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सड़क निर्माण की ठोस पहल नहीं की गई, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे और आगामी चुनावों में जनप्रतिनिधियों का घेराव भी करेंगे।