महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते यौन अपराध : कारण और समाधान मौलाना बदी उज्जमां नदवी कासमी(चेयरमैन, इंडियन कौंसिल ऑफ फतवा एडं रिसर्च ट्रस्ट, बेंगलुरु, जामिया फातिमा लिल्बनात, मुजफ्फरपुर, बिहार)

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देश में महिलाओं के विरुद्ध यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं ने हमारे समाज पर बदनुमा दाग लगा दिया है। हर दिन देश के किसी न किसी कस्बे, प्रांत या शहर से ऐसी हृदयविदारक खबरें सुनने को मिलती हैं कि रूह काँप जाती है। बलात्कार की बढ़ती घटनाएँ न केवल चिंतन का क्षण हैं, बल्कि सरकार और समाज को यह सोचने पर भी मजबूर करती हैं कि इन क्रूर दरिंदों से देश के भविष्य को कैसे बचाया जाए? जबकि देश की न्याय व्यवस्था भी इन घटनाओं में वृद्धि का एक कारण है, जिसमें मामलों के फैसले में काफी देरी होती है।
महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते यौन अपराध एक महामारी का रूप ले चुकी है।
महिलाओं के लिए भारत खतरनाक और असुरक्षित देश माना गया है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के भ्रामक नारे के बावजूद, महिलाओं के विरुद्ध अपराध में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रहा है।
बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के बावजूद, भारत की न्याय व्यवस्था इस मामले में आलस्य और लापरवाही की राह पर चल रही है। यह एक सच्चाई है कि सख्त कानून बनाने का लाभ उस वक्त तक नहीं होगा, जब तक कि राजनीतिक दल, सरकारें और पुलिस इसे क्रियान्वयन कराने में ईमानदार न हो। इसके साथ ही, सामाजिक परिवर्तन भी आवश्यक है।

महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के कारण और उनके समाधान
पुरुष और महिला समानता
पुरुष और महिला समानता की विचारधारा ही महिलाओं के विरुद्ध हिंसा में वृद्धि का पहला कारण है। पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से पहले, समाज में महिलाओं को मानवाधिकारों से वंचित रखा जाता था। फिर इस्लाम ने महिलाओं को सम्मान दिया। उसके बाद, जब पश्चिमी पूँजीपतियों ने अपने हितों को देखते हुए पुरुष और महिला समानता का नारा दिया, तो वह फुले नही समाई और इसे अपने लिए एक अप्रत्याशित वरदान मानकर पूँजीपतियों के हाथों की कठपुतली बन गईं। जब महिलाएँ विज्ञापनों और बाज़ारों की शोभा बनी, तो उनके सम्मान और गरिमा में कमी आई। महिलाओं के विरुद्ध यौन अपराधों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण यह भी है।

शराब, नशीले पदार्थ और नग्न फ़िल्में
यौन अपराधों में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण कारण नग्न और अश्लील फ़िल्मों व नशीले पदार्थों की लत भी है। शराब का सेवन कई सामाजिक बुराइयों जैसे जबरन बलात्कार का भी मुख्य कारण बनता है। अधिकांश मामलों में, व्यभिचारी नशे की हालत में पाया जाता है और यही नशा इस कृत्य का कारण बनता है।
मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से फैली अश्लीलता ने भी यौन शोषण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इंटरनेट के अलावा, अश्लील साहित्य, चित्र, वीडियो, फ़िल्में और पत्रिकाएँ जैसे स्रोतों का भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, भी विभिन्न कारण हैं जिनका का समाधान करके ही समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

इस्लाम द्वारा प्रस्तुत समाधान
पर्दा का आदेश
इस्लाम में पुरुषों को अपनी निगाहें नीची रखने का आदेश दिया गया है, वहीं महिलाओं को भी केवल महरम पुरुषों के सामने ही अपनी सुंदरता दिखाने की इजाजत है।
आसान विवाह
सही समय पर विवाह न करने से युवाओं में एक प्रकार की यौन उत्तेजना और जुनून पैदा होता है। उनकी यौन भावनाएँ उत्तेजित हो जाती हैं, जिसके कारण ऐसी घटनाएँ घटित होती हैं। इस्लाम में यौन इच्छाओं की पूर्ति का एक बेहतरीन साधन निकाह के रूप में बताया गया है। पैगंबर (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने इरशाद फरमाया: “निकाह को इतना आसान बना दो कि व्यभिचार कठिन हो जाए।”
शराब और नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध
इस्लाम ने शराब और सभी नशीले पदार्थों को हराम घोषित किया है। कुरान में भी शराब पर प्रतिबंध है और इसे पवित्र हदीसों में भी हराम घोषित किया गया है। आवश्यक है कि माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा में कभी लापरवाही न बरतें। उन्हें जंगली जानवर की तरह आज़ादी न दें। बचपन से ही उनमें बुनियादी संस्कार डालें, तो बहुत उम्मीद है कि इस तरह की घटनाओं में कमी आ सकती है।