श्रावणी पूर्णिमा महोत्सव: सुन्दरनाथ धाम में तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक मंत्री विजय मंडल की अध्यक्षता में सुरक्षा, सुविधा व शुद्ध जल की 18 बिंदुओं पर हुआ निर्णय

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सुंदरी मठ से लौटकर डा. रूद्र किंकर वर्मा।

श्रावणी पूर्णिमा महोत्सव 2025 को सफल बनाने हेतु सुन्दरनाथ धाम में मंगलवार की संध्या एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल ने की, जबकि संचालन न्यास समिति के सदस्य एच. के. सिंह ने किया।

इस बैठक में प्रशासन और मठ न्यास समिति के बीच महोत्सव की समुचित व्यवस्था को लेकर गहन विमर्श हुआ।

प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में सदर एसडीओ रवि प्रकाश, प्रभारी एसडीपीओ दीवान एकराम खां, इंस्पेक्टर महादेव कामत, पूर्व प्रमुख सुशील कुमार सिंह, सीओ आलोक कुमार, कुर्साकांटा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह, कुआड़ी थानाध्यक्ष दीपक कुमार, सोनामणि गोदाम के थानाध्यक्ष संजय कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इन मुख्य बिंदुओं पर हुआ निर्णय:

बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा, सफाई, पेयजल, चिकित्सा, दमकल, गोताखोर, ट्रैफिक नियंत्रण, बैरिकेडिंग, शौचालय व्यवस्था जैसे 18 प्रस्तावों पर सहमति बनी।
साथ ही भक्ति जागरण (8 अगस्त की रात) और श्रावणी पूर्णिमा पर जलाभिषेक के दौरान भारी भीड़ को लेकर विशेष इंतज़ामों पर ज़ोर दिया गया।

मंत्री विजय मंडल का संदेश:

“पिछले वर्ष लगभग 1.75 लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था। इस बार यह संख्या 2 लाख से अधिक होने की संभावना है। इसलिए हर जिम्मेदार व्यक्ति को पूरी तत्परता के साथ कार्य करना होगा।”

पुलिस बल व दंडाधिकारी की व्यापक तैनाती

एसडीओ व एसडीपीओ ने आश्वस्त किया कि मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, तथा यात्रा मार्गों पर महिला एवं पुरुष पुलिस बल और दंडाधिकारी की पर्याप्त तैनाती की जाएगी।

हत्ता चौक, खेसरैल, बलचंदा, रजौला चौक, चैता, आशाभाग बटराहा, तिरंगा चौक, मेंहदीपुर चौक जैसे मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त रहेगी।

गड़बड़ रास्तों की मरम्मत एवं वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए विशेष ट्रैफिक योजना लागू की जाएगी।

पश्चिम दिशा से आनेवाली गाड़ियां रजौला चौक, तथा पूरब दिशा से आनेवाली गाड़ियां सुंदरी टावर चौक पर रोकी जाएंगी। श्रद्धालु वहां से पैदल यात्रा कर धाम पहुंचेंगे।

शिवभक्तों की आस्था बनी प्रशासन की प्राथमिकता

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति की सहभागिता सराहनीय मानी जा रही है। आगामी दिनों में पूरे इलाके में जन-जागरूकता और निगरानी भी तेज की जाएगी।