
रानीगंज (अररिया)।
पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के निर्देश पर वाईएनपी डिग्री कॉलेज, रानीगंज में सत्र 2025-29 के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए सीबीसीएस प्रणाली के तहत ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार आलोक ने की, जबकि संयोजन आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ. नूतन आलोक ने किया।
प्राचार्य डॉ. आलोक ने इस ऐतिहासिक पहल को कुलपति की दूरदर्शी सोच और प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार विश्वविद्यालय स्तर पर नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन आयोजित किया गया है, जो विश्वविद्यालय की नई शैक्षणिक संस्कृति का संकेत है।
उन्होंने जानकारी दी कि पूर्णिया विश्वविद्यालय, बिहार का पहला विश्वविद्यालय है जहां समर्थ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल नामांकन प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि इसकी स्थापना 21 मई 1978 को जननायक यदुनंदन सिंह एवं पवित्री देवी की स्मृति में की गई थी।
वाईएनपी डिग्री कॉलेज राज्य सरकार से अनुदानित स्थायी संबद्ध महाविद्यालय है, जिसे यूजीसी की धारा 2(एफ) व 12(बी) के तहत मान्यता प्राप्त है। यह अररिया जिले का पहला कॉलेज है जिसे AICTE, नई दिल्ली से बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति प्राप्त है।
कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि 75% उपस्थिति नहीं होने पर परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस अवसर पर रितेश राज, आशीष कुमार, दीपेश राज, दिवाकर कुमार, पृथ्वीचंद यादव, नितिन कुमार सहित अन्य शिक्षकों और कर्मियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के उत्साह, मार्गदर्शन और अनुशासन के संदेश के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।