किसान बैठक में SSEVS ने फील्ड वॉटर ट्यूब के उपयोग पर दी जानकारी

Breaking news News बिहार

आज दिनांक 2-08-2025 को गाँव बलथरवा, ब्लॉक पिपराकोठी, जिला पूर्वी चंपारण में SSEVS (समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान) के द्वारा एक दिवसीय किसान बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SSEVS के अंकित एंथनी, सचिन नारायण, राज झा और मुहम्मद हुसैन ने किसानों को जलवायु परिवर्तन और धान की खेती के दौरान जल प्रबंधन की चुनौतियों के संदर्भ में फील्ड वॉटर ट्यूब (Field Water Tube) के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में SSEVS के प्रतिनिधियों ने बताया कि फील्ड वॉटर ट्यूब एक अत्यंत सरल और प्रभावी तकनीक है, जिसकी सहायता से किसान खेत में मौजूद जल की सटीक गहराई माप सकते हैं। इसके उपयोग से सिंचाई के लिए आवश्यक पानी का सही मूल्यांकन संभव बनता है, जिससे जल की बर्बादी को रोका जा सकता है और फसल की पैदावार में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।

यह तकनीक न केवल जल संरक्षण में सहायक है, बल्कि उर्वरक और कीटनाशकों के प्रभावी उपयोग को भी सुनिश्चित करती है। किसान भाइयों ने इस तकनीक को अत्यंत उपयोगी बताया और अपनी खेती में इसे अपनाने की रुचि व्यक्त की।

मनोज कुमार कुशवाहा जी ने बताया कि पानी बचाना हमारा लिए बहुत जरूरी हैं और यह फील्ड वाटर ट्यूब इसमें किसानों को बहुत सहायता करता हैं और साथ ही किसानों को इससे पैसों का बचत भी होगा आप लोग इसका उपयोग अपने खेतों में जरूर करे।

क्या है फील्ड वॉटर ट्यूब?
फील्ड वॉटर ट्यूब खेतों में फसलों के लिए मिट्टी में उपलब्ध नमी को मापने का एक सरल और सस्ता तरीका है। इसकी मदद से किसान यह जान सकते हैं कि मिट्टी में कितनी नमी शेष है और सिंचाई की आवश्यकता कब है।

यह तकनीक सही समय पर सिंचाई करने में मदद करती है, जिससे जल की बचत होती है और फसल की उपज बेहतर होती है।

कैसे करें उपयोग?
फील्ड वॉटर ट्यूब का उपयोग करना बहुत आसान है। इसे खेत में इस प्रकार गाड़ें कि इसका 6 इंच हिस्सा मिट्टी के नीचे और शेष भाग मिट्टी के ऊपर रहे।

ट्यूब के अंदर की मिट्टी को अच्छी तरह से साफ कर लें ताकि केवल जल स्तर स्पष्ट रूप से दिखाई दे। जब ट्यूब के अंदर जल स्तर 2 इंच से कमहो जाए, तभी सिंचाई करें। इससे फसल को समय पर पानी मिलता है, पानी की बर्बादी रुकतीहै और उपज में वृद्धि होती है।

कैसे बनाएँ फील्ड वॉटर ट्यूब?
फील्ड वॉटर ट्यूब बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री और कदमों की आवश्यकता होती है:

  1. 12 इंच लंबी पीवीसी पाइप लें, जिसका व्यास 4 से 6 इंच हो।
  2. एक मोमबत्ती और लोहे की कील लें।
  3. कील को मोमबत्ती की मदद से गर्म करें।
  4. अब पाइप की आधी लंबाई में हर 1 इंच की दूरी पर छोटे-छोटे छेदकरें।

जब सभी छेद बन जाएं, तो आपकी फील्ड वॉटर ट्यूब तैयार है और इसे खेत में आसानी से लगाया जा सकता है।
बिहार प्रभारी मनीष कुमार सिंह