
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट
जहानाबाद -जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में स्थायी लोक अदालत द्वारा गुरुवार को माँ कमला चंद्रिका जी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, नौरू, में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज शंकर ने की।
उन्होंने ने बताया कि स्थायी लोक अदालत आम नागरिकों को बिना किसी शुल्क के, त्वरित एवं सहज न्याय उपलब्ध कराने का एक प्रभावशाली मंच है। यह अदालत परिवहन, डाक, बिजली, पानी, बैंकिंग, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी जन-उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के निष्पादन हेतु स्थापित की गई है। यहाँ वादों का निपटारा प्राथमिक रूप से आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से किया जाता है। यदि सुलह नहीं होती है, तो अदालत द्वारा सुनवाई के बाद जो निर्णय दिया जाता है वह अंतिम व बाध्यकारी होता है, जिसकी अपील किसी अन्य न्यायालय में नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी बताया कि अदालत का वित्तीय अधिकार क्षेत्र ₹1 करोड़ तक सीमित है तथा यहाँ किसी प्रकार की कोर्ट फीस नहीं ली जाती, जिससे यह प्रक्रिया जन-सुलभ बन जाती है।

कार्यक्रम में उपस्थित स्थायी लोक अदालत की गैर-न्यायिक सदस्य मंजू कुमारी एवं अनीता कुमारी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताई कि स्थायी लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है आम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा त्वरित, सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान करना।
इस अवसर पर साईं कॉलेज ऑफ एजुकेशन, एरकी, जहानाबाद के सचिव प्रो. चंद्र प्रकाश ने इसे जिले में न्यायिक सेवा सुलभता की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की जनता को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में सिद्धार्थ टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, कोर्ट एरिया जहानाबाद के सचिव डॉ. अजय कुमार, इग्नू अध्ययन केंद्र के संयोजक डॉ. अनिल कुमार, प्रो. चंदन कुमार, मनोज कुमार, बबलू शर्मा सहित जिले के विभिन्न शिक्षक-प्रशिक्षक, प्रशिक्षु छात्र-छात्राएँ एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।