
नवादा शहर स्थित प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था सृजन आर्ट्स के प्रांगण में बुधवार को आयोजित किया गया। संस्था के निदेशक विजय शंकर पाठक ने कलाकारों एवं अभिभावको को संबोधित करते हुए बताया की अपनी माटी, परिपाटी, लोक सांस्कृतिक से अनुरंजिता कजरी गीतों की परंपरा को संजोए रखने के उद्देश्य से कजरी महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में सर्वप्रथम आयुष ने ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दिया और इसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रसिद्ध पारंपरिक कजरी पिया ग़ैइले परदेश गा कर किया।

महिला कलाकार रिम्पू ने झूला झूलन हम लागी एवं दातूर मोर पपीहा बोले, रूबी बरनवाल ने अरे रामा भादो रैन अंधियारी बदरिया छाई ए हरी, मो फैयाज ने सावन झरी लागे बरसे बदरिया, सतीश कुमार ने खेले गैली कन्हैया धइले अचरी , अक्षिता राज ने छह मासा गाकर भावविभोर कर दिया। आनंद कुमार ने अरे रामा रिम झीम बरसे पनिया अचरवा में लागल है रे झालर मोतिया। हिंडलवा लागल हइ कदमवा भौजी, चलहु झूले न पियवा सावन में विदेशवा ननदो आदि पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति दिया। की टीम ने पिया मेहदी लायदा मोती झील से।गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दिया। कार्यक्रम का संचालन।

शानवी, काव्या, तृषा, रिद्धि शानवी अग्रवाल ने कजरी गीत पर नृत्य कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।गोपाल कुमार सिंहा ने किया। कार्यक्रम में सीनियर वर्ग में प्रथम सतीश शिवर्ती द्वितीय एवं रिम्पू तृतीय जूनियर वर्ग में प्रथम अक्षिता राज, रिद्धि द्वितीय एवं अंकित कुमार तृतीय स्थान प्राप्त किया।सभी कलाकारों को मोमेंटो एवं मेडल से सम्मानित किया गया।इस मौके पर सुजीत कुमार वर्मा,अनिल विश्वकर्मा, पवन कुमार सिंहा, सुजाता मैडम,प्रीति कुमारी, कुसुम कुमारी , रश्मि अग्रवाल, अनु कुमारी, शिवर्ती, रविशंकर कुमार अंकित, ईशान कुमार, सोनी कुमारी, रिंकू कुमारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।