
शिवहर, हेमंत कुमार।
समाहरणालय संवाद कक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में जल संकट से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों से सम्बंधित विषय पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। डीएम ने जिला प्रशासन जल संकट से निपटने के लिए किये जा रहे प्रयासों एवं उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिला अंतर्गत पीएचईडी के अंतर्गत निर्मित 74 अदद योजनाएं है। पंचायती राज विभाग से हस्तातंरित 738 हैं। कुल योजनाओं की संख्या 812 अदद है। जांच में बंद पाये गये 175 योजनाओं में से 73 योजनाओं को चालू करा दिया गया है। शेष बंद योजनाओं में मरम्मति कां कार्य प्रगति में जिसे शिघ्र चालू करा दिया जायेगा।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में 58 साधारण चापाकलों को बदलने का कार्य किया जा चुका है, शेष कार्य प्रगति में है। वित्तीय वर्ष-2024-25 में 85 नये चापाकलों का अधिष्ठापित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अबतक प्राप्त कुल लक्ष्य- 40+50 -90 अदद चापाकलों का आवंटन प्राप्त हुआ है। जिसमें 40 अदद् चापाकलों का कार्य प्रगति पर है और 50 अदद चापाकलों का कार्य निविदा प्रक्रिया के उपरांत शीघ्र कर दिया जायेगा। शीघ्र ही विभाग द्वारा नया चापाकलों का आवंटन देने का आश्वासन दिया गया है।
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, शिवहर में नियंत्रण कक्ष का स्थापित किया गया है। जिसका फोन न० 06222-299928 जारी किया गया है। जिस पर चापाकलों एवं हर घर नल का जल से संबंधित शिकायत किया जा सकता है। इसके अलावा जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र के फोन नंबर 06222-257060 /257061 पर सूचना दे सकते हैं।
वित्तीय वर्ष-2025-26 चापाकल मरम्मति हेतु निर्धारित लक्ष्य कुल 1354 के विरूद्ध में कुल 1024 अदद चापाकलों की मरम्मति की जा चुकी है। शेष कार्य प्रगति में है।
इसके साथ ही डीएम ने शिवहर जिला के जल एवं वर्षा सम्बंधित आंकड़े साझा किए।
जिला का औसत जलस्तर (फ़ीट)-22’6″ है। वर्षापात 72.25 प्रतिशत, खरीफ फसल अच्छादन की स्थिति 88.05 प्रतिशत एवं बागमती नदी का जलस्तर-58.88 मीटर है l