
सीतामढ़ी । जहां एक ओर अल्पवर्षा व गर्मी के कारण पेयजल संकट गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोनबरसा प्रखंड के मड़पा पंचायत के मुखिया हबीबुर रहमान उर्फ मुंशी इस संकट से निपटने के लिए एक मिसाल बनकर उभरे हैं। प्रशासनिक सहयोग के साथ-साथ वे व्यक्तिगत संसाधनों का उपयोग कर लोगों को राहत पहुंचा रहे हैं।
मुखिया हबीबुर रहमान ने पेयजल संकट को केवल एक प्रशासनिक चुनौती न मानते हुए, उसे आमजन की बुनियादी ज़रूरत समझते हुए इसे गंभीरता से लिया है। पीएचईडी के सहयोग से जहां वे नियमित रूप से पानी के टैंकर पंचायत में भिजवा रहे हैं, वहीं संकट की तीव्रता को देखते हुए उन्होंने अपने निजी कोष से भी पानी के टैंकर की व्यवस्था की है। गांव के हर मोहल्ले और घर-घर तक पानी पहुँचाने का कार्य वे स्वयं मॉनिटर कर रहे हैं।
मुखिया मुंशी जी जनसेवा की प्रतिमूर्ति बन चुके हैं। उनका अथक प्रयास और जनहित की भावना अन्य के लिए प्रेरणा है। पेयजल संकट के समय उन्होंने जो तत्परता दिखाई है, वह स्वागत योग्य है।

2001 से लगातार जनसेवा में सक्रिय
हबीबुर रहमान का पंचायत राजनीति में योगदान कोई नया नहीं है। वर्ष 2001 से या तो स्वयं वे पंचायत के मुखिया पद पर रहे हैं या जब यह पद महिला के लिए आरक्षित रहा, तब उनकी पत्नी ने पूरी निष्ठा से यह जिम्मेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर मड़पा पंचायत के विकास और सामाजिक कल्याण के लिए लगातार कार्य किया है।
हर आपदा में जनता के साथ
केवल विकास कार्य ही नहीं, आपदा के समय भी हबीबुर रहमान जनता के बीच सबसे पहले मौजूद रहते हैं। चाहे वह बाढ़ की त्रासदी हो या किसी अन्य आपदा की घड़ी, मुंशी जी ने हमेशा लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी है। राहत सामग्री वितरण हो या बचाव कार्य, उन्होंने ज़मीनी स्तर पर मौजूद रहकर लोगों को संबल दिया है।

जनता का विश्वास, समर्पण की पहचान
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुंशी जी न केवल एक जनप्रतिनिधि हैं बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका भी निभाते हैं। जब भी कोई संकट आता है, मुंशी जी सबसे पहले हमारे दरवाजे पर खड़े मिलते हैं। इस बार जब पानी की समस्या ने हमें घेर लिया, तब भी वे दिन-रात एक कर घर-घर पानी पहुँचा रहे हैं।
मुखिया हबीबुर रहमान ने बताया कि वे जल्द ही स्थायी समाधान के लिए डीप बोरिंग, चापाकल और जलाशयों की मरम्मत एवं स्थापना पर कार्य शुरू करवाएंगे, जिससे आने वाले वर्षों में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।