
सहरसा
शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान द्वारा रंगमंच के प्रसिद्ध निर्देशक पद्मश्री रतन थियाम के स्मृति में रविवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। स्थानीय डीबी रोड स्थित गौरव ग्रिल्स में आयोजित सभा की अध्यक्षता करते हुए संस्थान सचिव वन्दन वर्मा ने कहा कि रतन थियाम नाट्य निर्देशक ही नहीं बल्कि एक आंदोलन थे। उन्होंने रंगमंच को जनसंवेदना से जोड़ा और भारतीय मिथकों व लोककथाओं को वैश्विक रंगमंच की भाषा में ढ़ाला। उन्होंने कहा कि श्री थियाम राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के निदेशक रहते हुए विद्यालय को भी वैश्विक पहचान दिलाया।

इतनी प्रसिद्धि के बावजूद भी वे सरल, सहज व शालीन व्यक्तित्व के धनी थे। वही नाट्य निर्देशक कुन्दन वर्मा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रतन थियाम के नाट्य शैली में दृष्यबिम्ब, संगीत-नृत्य व मौन का अद्भुत समावेश होता था। रतन थियाम का जाना भारतीय रंगमंच की एक युगांतकारी क्षति है। मौके पर रंगकर्मी सुदर्शन कुमार, राहुल गौरव, अमन गौरव, शुभम कुमार, मयंक कुमार, लक्ष्य वर्मा आदि ने रंगयोद्धा रतन थियाम के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजिल दिया।