
सहरसा
सावन माह के तीसरे सोमवार को शिवनगर स्थित महाभारतकालीन स्वयंभू अंकुरित शिवलिंग गाणिडवेश्वर नाथ महादेव स्थान में हजारों श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे सें ही श्रद्धालू शिवलिंग पर जलार्पण कर रहे है जो सायंकाल तक चलता रहा।गाणिडवेश्वर स्थान स्थित पंडा समाज के मुख्य पुजारी दिनेश झा पंडा,सुनील पंडा,देव झा पंडा,गौतम झा पंडा,विनोद झा पंडा,आनंदी महादेव नें बताया कि बाबा गाणिडवेश्वर नाथ महादेव की महिमा अपरम्पार है।यहां शिवलिंग पर जलार्पण करने वाले भक्तों की हर मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।पंडा समाज नें बताया कि बाबा गाणिडवेश्वर नाथ महादेव महाभारतकालीन ऐतिहासिक शिवलिंग है।यहां पांडव के अज्ञातवास के दौरान स्वयं महादेव नें किरात रूप धारण कर अर्जुन की परीक्षा के लिए युद्ध करने को ललकारा। तब अर्जुन नें अपने पुरुषार्थ सिद्ध करने के लिए किरात रूपी भगवान शिव से घनघोर युद्ध किया।कई दिनों तक मल्लयुद्ध गदायुद्ध एवं शारीरिक जोर आजमाइश चलता रहा दोनो के बीच कोई निर्णय नही होता देख अर्जुन की वीरता सें प्रसन्न होकर महादेव नें अपने वास्तविक रूप में प्रगट होकर अर्जुन को पशुपति अस्त्र शस्त्र एवं गाणिडव धनुष प्रदान किया जो महाभारत युद्ध में निर्णायक साबित हुआ।इसलिए इस शिवलिंग को गाणिडवेश्वर नाथ महादेव नाम से पूजा-पाठ किया जा रहा है।पंडा समाज नें बताया कि ऐसी मान्यता है कि प्रतिदिन सवा पहर बाबा बैद्यनाथ यहां रहते है।जिसके कारण आसपास के ग्रामीणों की इनके प्रति अटूट आस्था व विश्वास आज भी कायम है।

उन्होंने बताया सावन माह की हर सोमवारी,महाशिवरात्रि एवं नरक निवारण चतुर्दशी को वृहत रुप से भव्य मेला का आयोजन किया जाता है।वही स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिदिन सायं में विशेष श्रृंगार एवं आरती का आयोजन किया जाता है।जिसकी भव्यता और दिव्यता मनमोहक होती है।मेला के सफल आयोजन हेतु सत्यम कुमार,पशुपति नाथ झा,विजय झा एवं पार्किंग क देखभाल ललित बैठा आ प्रकाश झा पंडा सराहनीय योगदान दे रहे रहे है।इस अवसर पर शिवनगर के स्थानीय ग्रामीण अनिल कुमार झा,सुमन्त कुमर, समीर झा,हेमचंद्र झा ने बताया कि महाभारतकालीन ऐतिहासिक धरोहर सरकारी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।

जिसके कारण बाबन बीघा जमीन अतिक्रमित रहने के कारण मंदिर व परिसर की हालत जीर्ण-शीर्ण है।विशाल पोखर रख रखरखाव के बिना सुखा पड़ा हुआ है।आने जाने का रास्ता भी काफी संकीर्ण है।वही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी ऐतिहासिक पर्यटक स्थल के प्रति उदासीन बने हुए है।उन्होंने बताया कि बाबा स्थान में पानी की समस्या को दूर करने के लिए रांटी निवासी पवन कुमार मिश्र ने समरसेबल पम्प स्थापित करवाया।वही भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ बी मृणाल के द्वारा श्रद्धालुओं के बीच निशुल्क शर्बत व सत्तु का वितरण किया।ग्रामीणों नें जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार सें इस ऐतिहासिक महत्व स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर इसे राजकीय दर्जा प्रदान करने की मांग की है।