
रजौली
वर्ष के पवित्र महीना सावन के दूसरे सोमवारी को दोपहर 1 बजे से विश्व हिंदू परिषद रजौली के उपाध्यक्ष मनीष सिंह के द्वारा निचे बाजार स्थित रजौली राज शिव मंदिर में अपने आराध्य देव भगवान शंकर का रूद्र अभिषेक किया गया।इस भूमि पर भगवान के दूसरा स्वरूप कहे जाने वाले चिकित्सकों के लंबी उम्र के लिए अपने आराध्य देव भगवान शंकर से प्रार्थना किया। उन्होंने बताया कि प्राणियों में सद्भावना,सुख व शांति को लेकर शिवालय में परिवार समेत रुद्राभिषेक करवाया गया।वहीं मंदिर के उपाध्यक्ष भोली सिंह ने बताया कि प्रत्येक सावन की तरह इस सावन को भी शिवाला को पूरी तरह से सजाया गया।मंदिर के अध्यक्ष सुभाष साहू ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को संध्या भजन कीर्तन होता है, एवं रात्रि में महाप्रसाद का वितरण किया जाता है।मंदिर के पुजारी शिव बालक पांडेय ने बताया की मक़सुदपुर के राजा रामेश्वर प्रसाद सिंह के द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व राज शिव मंदिर का निर्माण करवाया गया था।इस पौराणिक मंदिर में दूर-दराज से लोग पूजा अर्चना करवाने आते हैं।इस मंदिर में भक्तों द्वारा मांगा हुआ हर मनोकामना पूर्ण होता है।वहीं सावन के प्रत्येक दिन सुबह-शाम भक्तों का ताता लगा हुआ रहता है।रजौली बाजार के लिए राज शिव मंदिर एक अलग ही महत्व रखता है।वहीं दुर्गा मंदिर के पुजारी छोटू पांडेय ने बताया कि महाकाल के पवित्र महीना सावन को बहुत ही शुभ माना गया है।सावन के महीने में भगवान शंकर पृथ्वी पर आए थे,भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर सुख शांति समृद्धि की प्राप्ति होती है,सावन महीने में भगवान शंकर पर जल,फूल,भांग,धतुरा एवं बेलपत्र चढ़ाने का विशेष महत्व है।पुजारी श्याम सुन्दर पांडेय ने बताया की श्रावण मास का प्रत्येक सोमवार शिवभक्तों के लिए विशेष होता है और एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है।इस बार दोनों दिन एक साथ होने से भक्तों को शिव और विष्णु दोनों की आराधना का दुर्लभ लाभ मिलेगा।भगवान शिव जी और विष्णु जी की संयुक्त उपासना से व्यक्ति के सभी प्रकार के पाप नष्ट हो सकते हैं और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि का वास होता है।यह योग कई वर्षों में एक बार ही आता है। इसलिए श्रद्धालु इस दिन उपवास,व्रत और पूजा अवश्य करें।मौके पर सोनू सिंह,गौतम कुमार,समरेश सिंह,अनन्या सिंह,ज्योति पांडेय,अरुण साव बूटा,राजकुमार,राजा सिंह,सुमित कुमार बिटू,अनुज एयरटेल, जीतेन्द्र पांडेय,जिलु रिनू रंजन समेत दर्जनों श्रद्धालुगण मौजूद रहे।