
बराबर पर्वत पर अबतक 350 किलों प्लास्टिक का हुआ स॑ग्रह।
जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।
जहानाबाद -जिले के वानावर में हर साल सावन के पावन महीने में लाखों श्रद्धालु मखदुमपुर प्रखंड स्थित बराबर पर्वत पर सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं, फलस्वरूप प्लास्टिक से सम्बंधित इधर उधर फेंक दिया जाता है , जिससे गन्दगी फैल जाती है।तो उनके साफ सफाई हेतु जिला प्रशासन के निर्देशानुसार इस वर्ष स्वचछता को लेकर प्रशासन भी वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने हेतु, एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन काफी सतर्क है।
इस वर्ष, जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय के नेतृत्व में आयोजित श्रावणी मेला में विशेष ध्यान स्वच्छता और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर दिया गया है।
उप विकास आयुक्त, जहानाबाद के निर्देशानुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी, मखदुमपुर द्वारा मेला क्षेत्र में चार पंचायतों के स्वच्छता कर्मियों को शिफ्टवार कार्य में लगाया गया है।

श्रद्धालुओं द्वारा उपयोग में लाई जा रही प्लास्टिक बोतलें, लाल जल पात्र, डिस्पोजेबल सामग्री व अन्य कचरे का व्यवस्थित संग्रहण किया जा रहा है। अब तक 350 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का संग्रहण कर लिया गया है, जिसे मखदुमपुर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई में प्रसंस्करण हेतु भेजा गया है।
यह कार्य जिला सलाहकार पिंकू कुमार (ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन) द्वारा दिए गए तकनीकी सुझावों और समन्वित प्रयासों से संपन्न हो रहा है। प्रसंस्कृत कचरे को आगे बिक्री हेतु फॉरवर्ड लिंकेज किया जाएगा — यह न केवल पर्यावरण हितैषी प्रयास है बल्कि आर्थिक रूप से भी उपयोगी मॉडल है।
मेला परिसर की निरंतर साफ-सफाई एवं निगरानी के लिए 5 पंचायतों के पंचायत पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। वहीं, प्रखंड समन्वयक, मखदुमपुर को दैनिक कचरा संग्रहण एवं रिपोर्टिंग कार्य हेतु नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

श्रावणी मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, स्वच्छता और सतत विकास का भी संदेश है।
प्रशासन का यह प्रयास न केवल पवित्र स्थल की गरिमा को बनाए रख रहा है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन को जन-जन से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है।