सड़कों पर बढ़ रही है खुली मुलाकातों की संख्या,यह प्यार है या परेशानी

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रजौली


हाल के दिनों में रजौली की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर युवा लड़के-लड़कियों की खुली मुलाकातें तेजी से बढ़ी हैं।यह एक ऐसा चलन है जिसने जहां एक ओर युवाओं में प्यार के जुनून को हवा दी है,वहीं दूसरी ओर इसके संभावित नकारात्मक परिणामों, विशेषकर अपराध में वृद्धि को लेकर चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।कई जगहों पर,खासकर फुलवरिया जलाशय समेत सुनसान रास्तों और शाम के समय बाजारों में,युवा जोड़े खुलेआम एक-दूसरे से मिलते-जुलते देखे जा सकते हैं,जिसकी जानकारी उनके परिजनों तक को नहीं होती है।इस बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।जहां कुछ लोग इसे आधुनिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का परिचायक मान रहे हैं,वहीं बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो इसे सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन और भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण मान रहे हैं।

प्यार का जुनून और उसके बाद की हकीकत-

स्थानीय जानकारों का मानना है कि युवाओं में ‘प्यार करने का जुनून’ बढ़ रहा है और वे बिना किसी सामाजिक या पारिवारिक रोक-टोक के एक-दूसरे से मिलना चाहते हैं।सोशल मीडिया और आधुनिक संचार माध्यमों ने भी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है,जहां युवा आसानी से एक-दूसरे के संपर्क में आ जाते हैं।हालांकि,इस जुनून का एक स्याह पहलू भी है,कई मामलों में यह देखा गया है कि खुलेआम प्रेम-प्रसंगों का अंत दु:खद होता है और कई बार ये छोटी-मोटी नोक-झोंक से बढ़कर गंभीर अपराधों में बदल जाते हैं,जैसे ऑनर किलिंग, आत्महत्या,अपहरण और मारपीट जैसे अपराधों में वृद्धि देखी जा रही है,जिनके पीछे अक्सर ऐसे प्रेम-संबंध ही होते हैं,जो खुलेआम शुरू हुए थे और बाद में समाज या परिवार द्वारा स्वीकार नहीं किए गए।सामुदायिक चिंताएं और समाधान की आवश्यकता स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बढ़ती प्रवृत्ति से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है।अभिभावक अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती अराजकता को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। जहां एक ओर पुलिस को सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ानी होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी।वहीं दूसरी ओर परिवारों और शैक्षणिक संस्थानों को भी युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें संबंधों की गंभीरता व उसके परिणामों के बारे में शिक्षित करने की जिम्मेदारी लेनी होगी।यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ‘प्यार का जुनून’ अपराध में परिणत न हो और समाज में शांति और व्यवस्था बनी रहे।