चंपारण की खबर::मोतिहारी के आशीष ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में एस्क्यूटीव मेंबर पोस्ट पर मारी बाजी

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मोतिहारी/ राजन द्विवेदी।
पूर्वी चंपारण के एक लाल अध गंगा अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में हो रहे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ( एससीबीए – ईसी-2024-25) के चुनाव में एस्क्यूटीव मेंबर पोस्ट पर जीत हासिल कर ली है। इस पोस्ट के लिए कुल 54 अधिवक्ताओं ने चुनाव लड़ा तथा 2330 वोट डाले गए। अधिवक्ता आशीष कुमार सिन्हा के पक्ष में 556 मत प्राप्त हुए और वह इस बार भारी मतों से मेंबर एस्क्यूटीव मेंबर पोस्ट जीतने मे सफल रहे। अधिवक्ता आशीष इसी पोस्ट के लिए तीसरी बार चुनाव मैदान मे थे। इसके पहले वो दो चुनाव बहुत ही कम अंतराल से हार चुके थे। अधिवक्ता आशीष सिन्हा पूर्वी चम्पारण जिले के निवासी हैं और एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते है। इनके पिता का नाम स्व सुधीर कुमार सिन्हा और माता का नाम श्रीमती पुनम सिन्हा है। अधिवक्ता आशीष दो भाई और एक बहन में सबसे बड़े है। 2000 में ही इनके सर से पिता साया उठ गया और उनकी हत्त्या के बाद कम उम्र में ही घर की जिम्मेदारियों का बोझ इनके कंधों पर आन पड़ी।
इनके छोटे भाई बिहार विश्वविधालय मे प्रोफेसर है।
चुकी इनके मामा इंडियन आर्मी मे थे तो 1992 में इन्हें अपने साथ पिथौडागढ़ (अभी उत्तराखंड मे) ले गए और वही के आर्मी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा की शुरूआत हुई और बाद में पश्चिमी चम्पारण बेतिया के नोट्रे डेम पब्लिक स्कूल तथा समस्तीपुर के होली मिशन स्कूल हाई स्कूल से दसवीं तथा बारहवीं (10th and 10+2) परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। तत्पश्चात् मोतिहारी के एमएस कालेज से जुलोजी विषय में आनर्स भी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया । उसके बाद वो दिल्ली के सीएमएस इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियरिंग व नेटवर्किंग तथा दिल्ली के ही भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन मे पीजी और वाईएमसीए से पीजी डिप्लोमा ( प्रिंट और टीवी पत्रकारिता) की पढाई भी की मगर उन्हें पत्रकारिता रास नहीं आई और वे ला की पढ़ाई करने वराणसी चले गए और बनारस हिंदू विश्वविधालय से एलएलबी आनर्स भी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की और पुनः दिल्ली आ गए। दिल्ली जिला कोर्ट और हाई कोर्ट के अलावा विभिन्न कोर्ट मे अपनी वकालत करते रहे। मगर शुरुआत से ही अपने 90% वकालत को सर्वोच्चय न्यायालय में जारी रखा। बाकी कोर्ट के काम इनकी पत्नी अधिवक्ता बिनीता जायसवाल ने संभाला।
इसी बीच अधिवक्ता आशीष ने बड़े- बड़े क्रिमिनल केस ( एससी व एसटी एक्ट सहित) के तहत हुए केस में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत कराने मे सफलता हासिल की और अपनी एक अलग पहचान बनाई है ।
कुल 21 लोगों की कमेटी में अकेले अधिवक्ता आशीष ही सबसे युवा और पहली पीढ़ी के अधिवक्ता है जिनकी वकालत मात्र 10 वर्ष की है।
बताते चले की इसी चुनाव में जाने माने अधिवक्ता कपिल सिब्बल जी अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता रचना श्रीवास्तव उपाध्यक्ष, अधिवक्ता विक्रांत यादव जी सचिव, अधिवक्ता डॉ संदीप सिंह संयुक्त सचिव, अधिवक्ता सस्मिता त्रिपाठी कोषाध्यक्ष तथा अधिवक्ता सुशील कुमार तोमर संयुक्त कोषाध्यक्ष पद पर जीत हासिल किए हैं।