जहानाबाद जिले के हुलासग॑ज में रहे प्रख्यात होमियोपैथी चिकित्सक की निधन से फैली शोक की लहर।

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जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।

जहानाबाद -जिले के हुलासग॑ज में रहे गरीबों के मसीहा,लोकप्रिय होमियोपैथिक चिकित्सक डॉक्टर विजय कुमार सिंह का निधन की खबर ज्योंहि लोगों को मिली,चारो ओर शोक की लहर दौड़ पड़ी।विजय बाबू की निधन 96 साल की उम्र में उनके पैतृक आवास नालंदा जिले के खोदागंज में हो गई। विजय बाबू के निधन की खबर सुनते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
बताया जाता है कि हुलासगंज प्रखंड क्षेत्र में वर्ष 1965 से अपना क्लीनिक खोलकर लोगों का ईलाज कर रहे थे।
हुलासगंज प्रखंड मुख्यालय में गया कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉक्टर के के नारायण के नेतृत्व में श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। उन्होंने विजय बाबू के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विजय बाबू सौम्य शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। हमेशा गरीबों और वंचितों की सेवा इन्होंने पूरी निष्ठा से किया। उन्होंने बताया कि विजय बाबू नालंदा जिले के इस्लामपुर स्थित सुभाष हाई स्कूल से मैट्रिकुलेशन (1952) एवं बी एन कॉलेज पटना से आई० एस-सी० (1954) करने के बाद कोलकाता विश्वविद्यालय के होमियोपैथिक कॉलेज से बैचलर डिग्री बी एच एम एस (1958) प्राप्त कर कोलकाता में ही कुछ वर्षों तक अपने गुरु एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉक्टर घोष के साथ क्लिनिकल ट्रेनिंग लिया। तत्पश्चात् 01 जुलाई 1965 से 37 साल की उम्र से हुलासगंज में स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस शुरू की।
डॉक्टर के के नारायण ने बताया कि विजय बाबू की हिंदी , अंग्रेजी एवं बंगला भाषा पर अच्छी पकड़ थी।
इस दौरान अन्य लोगों ने विजय बाबू को याद करते हुए बताया कि अपनी सक्रिय उपस्थिति एवं सेवा से विजय बाबू ने एक कीर्तिमान स्थापित किया। अपनी चिकित्सकीय सेवा से कई असाध्य रोगियों को रोगमुक्त कर एक सफल चिकित्सक के रूप में आप विख्यात हो गये।
इस दौरान शोक सभा में श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में अविनाश चंद्र सिन्हा, महेंद्र शर्मा, नंदकिशोर शर्मा, भीम शर्मा, सच्चिदानंद, मोहम्मद यूसुफ शामिल थे।