मनरेगा योजना में फर्जी निकासी का मामला आया प्रकाश में।

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मनरेगा कनीय अभियंता ने दो लाख रुपए से ज्यादा कर ली निकासी।

जामुक पंचायत के मुखिया ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर, किया कारवाई करने की मांग।

जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।

जहानाबाद -जिले से एक बड़ी ही चौंकाने वाली, मनरेगा योजना में फर्जी निकासी करने का मामला प्रकाश में आया है,यह फर्जी निकासी का मामला कोई और नहीं वल्कि,जिस पंचायत में फर्जी निकासी की बात सामने आई है। स्थानीय मुखिया फुलेश्वर रजक ने जिला पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर फर्जी निकासी करने वाले मनरेगा कनीय अभियंता अमन कुमार पर कार्रवाई की मांग किया है।
मुखिया ग्राम पंचायत जामुक,नगर प्रखंड जहानाबाद, फुलेश्वर रजक ने बताया कि मेरे पंचायत में मनरेगा योजना के तहत् , योजना संख्या -0506001013/आई सी/20659408 ग्राम अमीरग॑ज कौशल के खेत से सोनु पासवान के खेत तक तटबंध मरम्मती कार्य,पर फर्जी निकासी कर ली गई है,जबकी हमें भी जानकारी नहीं है।


उन्होंने जे ई अमन कुमार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे जानकारी भी नहीं है, और मिली भगत से दो लाख,चौदह हजार दो सौ रुपए की फर्जी भुगतान कर दिया गया है। मुखिया ने बताया कि कार्य स्थल पर राशी भुगतान तक कोई भी मिट्टी का कार्य नहीं प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने बताया कि जे ई अमन कुमार एवं अन्य कर्मियों द्वारा फर्जी भुगतान का खेल किया गया है, यही नहीं चौंकाने वाली बात कही गई है कि एक ही तिथि दिनांक 21/7/26 को विभिन्न बाउचर के माध्यम से सारी राशी निकाली गई है।
जो निम्न हैं।
बाउचर न 5055 दिनांक 21/7/26 को भुगतान की राशि 30600 वैसे ही बाउचर न 5056,5057,5057,5059,5060 एवं 5061 से ही दिनांक 21/7/2026 को सभी भाउचरो से क्रमशः 30600 की फर्जी भुगतान किया गया है।
उन्होंने बताया कि किया गया फर्जी भुगतान की जांच एवं कारवाई हेतु जिला पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग किया है।


मामला चाहे जो कुछ भी हो, लेकिन इतना तो तय है कि मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डुबकी लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। यदि मनरेगा योजना में पारदर्शी तरीके से जांच किया गया, तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगा।
अब देखना है, जिला प्रशासन द्वारा इस आवेदन के आलोक में क्या कारवाई होता है,या युही आया राम, गया रामवाली कहावत चरितार्थ होती है।