
- 280 करोड़ की बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल परियोजना से शिवहर, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के किसानों को मिलेगी राहत
शिवहर।
शिवहर जिले के किसानों के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। करीब दो दशक के इंतजार के बाद बागमती नदी की पुरानी धार में बेलवा डैम से पानी छोड़ा गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पानी छोड़कर इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन किया।
पानी आते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग धार के किनारे उमड़ पड़े। वर्षों से सूखी पड़ी धारा में पानी देखकर किसानों की आंखें भर आईं।
शिलान्यास से उद्घाटन तक
बागमती नदी की पुरानी धार को पुनर्जीवित करने की योजना ‘बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल’ परियोजना का हिस्सा है। इसकी कुल लागत लगभग 280 करोड़ रुपये है।
इस परियोजना के तहत बागमती के अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से 69 किलोमीटर लंबी चैनल के माध्यम से बूढ़ी गंडक नदी तक पहुंचाया जाएगा। लक्ष्य है कि बागमती से लगभग 50 हजार क्यूसेक पानी मोड़कर मीनापुर होते हुए बूढ़ी गंडक में भेजा जाए।
इससे शिवहर, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जिलों को हर साल आने वाली बाढ़ से राहत मिलेगी और लाखों हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
बुधवार को हुआ यह पानी छोड़ना एक प्रारंभिक परीक्षण था। जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बताया कि परीक्षण की लगातार निगरानी की जा रही है। परिणाम संतोषजनक रहने पर आगे स्थायी रूप से पानी प्रवाहित किया जाएगा।
-,किसानों को क्या होगा फायदा
किसानों का मानना है कि पुरानी धारा में नियमित पानी आने से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, भू-जल स्तर सुधरेगा और कृषि को नया जीवन मिलेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जल उपलब्धता की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- उद्घाटन समारोह में ये रहे मौजूद
सीएम सम्राट चौधरी के साथ उद्घाटन कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी, अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुणाल, शिवहर बीडीओ मोहम्मद राहिल, शिवहर थाना अध्यक्ष सह-इंस्पेक्टर रणधीर कुमार सिंह और बागमती परियोजना के कार्यपालक अभियंता व कनीय अभियंता सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहे।
स्थानीय जनप्रतिनिधि, मेला आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।

बता दें कि बागमती की उड़ाही को लेकर पहले किसानों में जमीन और मुआवजे को लेकर नाराजगी भी थी। लेकिन अब पानी आने से लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही पुरानी धारा में स्थायी प्रवाह शुरू होगा और क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा।
सीएम ने कहा कि यह परियोजना राज्य सरकार की बाढ़ नियंत्रण और कृषि विकास की प्राथमिकता का हिस्सा है।
