चंपारण की खबर::पर्यटन विकास परियोजना से सीता कुंड धाम का होगा कायाकल्प, सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी: डीएम

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डीएम ने पर्यटन विकास निगम के परियोजना कार्य का किया निरीक्षण, दिए निर्देश

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने आज जिले के चकिया अनुमंडल क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक सीता कुंड स्थान में चल रहे बिहार पर्यटन विकास परियोजना के चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ चकिया अनुमंडल पदाधिकारी भी मौजूद रहीं। डीएम ने निर्देश दिया कि उक्त परियोजना कार्य का ससमय पूरा कर लें।
बता दें कि सीता कुंड धाम का पुनर्विकास कार्य तेज़ गति से प्रगति पर है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा 12.93 करोड़ की लागत से इस ऐतिहासिक तीर्थ स्थल को एक आधुनिक एवं सुविधाजनक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।


इस परियोजना के अंतर्गत सीता कुंड तालाब को 37 मीटर गोल आकार में पुनर्निर्मित किया जा रहा है, जिसमें बलुआ पत्थर की सीढ़ियां, सुरक्षा रेलिंग एवं सुंदर जाली युक्त परिसर दीवार बनाई जा रही है। मुख्य द्वार से तालाब तक दो-लेन की चौड़ी सड़क, ईंट कलाकारी, छायादार शेड एवं बैठने की व्यवस्था, 2700 वर्गफीट का कैफेटेरिया, दो कॉटेज, दो शौचालय परिसर तथा 12 दुकानें भी बनाई जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सभी आधुनिक सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इसी क्रम में सीताकुंड धाम के विकास कार्यों का डीएम ने  चकिया एसडीओ के साथ सीता कुंड धाम का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही निर्माण कार्य की प्रगति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, मोतिहारी को एसडीओ चकिया एवं पर्यटन प्रभाग की प्रभारी निधि के साथ संयुक्त रूप से एक विस्तृत गुणवत्ता प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि यह परियोजना न केवल सीता कुंड तीर्थ स्थल का कायाकल्प करेगी, बल्कि पूर्वी चम्पारण की सांस्कृतिक पहचान को और मज़बूत करेगी। स्थानीय लोगों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे, क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं आस-पास के गाँवों का आर्थिक विकास होगा। इस कार्य को निर्धारित समय-सीमा (08 दिसम्बर 2026) के अंदर पूर्ण कराया जाएगा।