मनरेगा योजना में बड़ा खेल, भ्रष्टाचार में शामिल कर्मियों ने कागज पर ही दिखा दी काम,लुट लिया 37 लाख।

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जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट।

जहानाबाद -जिले के घोषी प्रखंड क्षेत्र के लखावर पंचायत में मनरेगा योजना में बड़ा ही चौंकाने वाली मामला प्रकाश में आया है। जहां मनरेगा योजना में स्थल पर काम को कागज पर ही दिखा, बड़ी सरकारी राशी का निकासी कर लेने की जानकारी मिली है।
ग्रामीण सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार जिले के घोषी प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत लखावर में मनरेगा योजना से ली गई योजनाओं को स्थल पर न करा कागज पर रिपोर्ट तैयार कर बड़ी राशी की निकासी कर ली गई।
मिली जानकारी के अनुसार जिन योजनाओं के नाम पर फर्जी निकासी की गई है, उसमें लखावर शिवकुमार के खेत बड़की बभनपुरा सड़क तक तटबंध की मरम्मती कार्य,लखावर महादलित टोला से मेन रोड मंगल के खेत तक पईन उड़ाही, वहीं ली गई योजनाओं में अनिल यादव के खेत से बाले यादव के खेत तक तटबंध मरम्मती, सहित अन्य दर्जन भर योजनाओं को स्थल पर न कर,केवल कागज पर ही योजनाओं का पुरा कर 36 लाख 96 हजार 772 रुपए की निकासी कर ली गई है।
सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार लखावर पंचायत में पदस्थापित, पंचायत रोजगार सेवक पर आरोप लगने के उपरांत 30 जून को ही पंचायत से हटा दिया गया था, परंतु निर्वतमान पंचायत रोजगार सेवक के अनुस्थिति में, मनरेगा का कार्य लेखापाल मनोज कुमार को सौंपा गया।
चौंकाने वाला खेल और कागज पर ही योजनाओं को दिखा सरकारी राशी की फर्जी निकासी का मामला 1 जूलाई से 10 जूलाई के बीच, लेखापाल मनोज कुमार,पी ओ अनील कुमार, पंचायत तकनीकी सहायक अखिलेश यादव एवं मुखिया अजय साव की मिलि भगत से राशी की निकासी जाॅब कार्ड के नाम पर कर, पुनः जाॅब कार्ड धारी से निकाल आपस में बंटवारा कर लेने की खेल किया गया।
हालांकि मनरेगा योजना का नाम बदलकर केंद्र सरकार जी राम जी कर दिया गया है। उसके पहले ही मनरेगा योजना से ही 36लाख 96 हजार
752 रुपए की फर्जी निकासी कर ली गई।
मामला चाहे जो कुछ भी हो लेकिन इतना तो जरूर है कि मनरेगा योजना में स्थल पर कम, लेकिन कागजों पर काम को इति श्री कर बड़ी राशी की बंदरबांट की गई है। यदि निष्पक्ष जांच पड़ताल की जाती है तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मी पर गाज निश्चित रूप से गिर सकता है।