
भारत विकास परिषद् की स्थापना 10 जुलाई 1963 को दिल्ली में हुई। इसकी स्थापना डॉ सुरज प्रकाश जी ने किया।1962 के भारत चीन युद्ध के समय सिटीजन कांशील के नाम से शुरू हुआ था। इसकी स्थापना का उद्देश्य सेवा भावना एवं भारतीय सनातन संस्कार को पुनर्स्थापित करना था। आज पुरे देश में लगभग एक लाख सदस्य और सोलह हजार शाखाएं हैं। इसके द्वारा बड़े बड़े अस्पताल,शिक्षण संस्थाएं, दिव्यांग केन्द्र संचालित हो रहे हैं। भारत विकास परिषद् के सेवा गतिविधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एच एन भारद्वाज ने इस आयोजन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस परिषद् का मुख्य उद्देश्य जरुरतमंदों को सेवा प्रदान करना, स्वच्छता और सफाई, वृक्षारोपण के लिए जागरुकता लाना। स्वामी विवेकानंद शाखा के संस्थापक अध्यक्ष डा नवनीत शांडिल्य ने परिषद् के उद्देश्यों का विस्तृत जानकारी दी। डा अजीत गौड़ ने समाज में संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला।इस आयोजन में कोषाध्यक्ष अखिलेश कुमार मणि, सचिव डा सुमन कुमार झा,सेवा के संयोजक संजय शर्मा, डॉ सुरभी, कौशलेंद्र कुमार, यदुनंदन पंडित, अर्चना कुमारी आदि गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। अंत में सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
