
रामपुर मनिहारान
कस्बे में आयोजित जैनामृत शिक्षण शिविर में परम पूज्य आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज ने समवशरण की महिमा बताते हुए प्रभु की शरण को जीवन का सच्चा आधार बताया।
रिपोर्ट वैभव गुप्ता।
उन्होंने कहा कि सांसारिक सुख, धन और संबंध क्षणिक हैं, जबकि धर्म और आत्मकल्याण का मार्ग ही वास्तविक सुख प्रदान करता है प्रवचन से प्रेरित होकर श्रद्धालुओं ने धर्म, संयम और आत्मचिंतन का संकल्प लिया तथा शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की इस अवसर पर जैन समाज के प्रधान मनोज जैन, महामंत्री निपुण जैन, डॉ. राजेश जैन, संजय जैन, शशांक जैन, अमित जैन, शुभम जैन, आर्जव जैन, भूपेंद्र जैन, अभिषेक जैन और अरिहंत जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
