
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
मोतिहारी सदर प्रखंड के 15 वेलनेस सेंटर और 5 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रखी गई अधिकांश दवाओं की एक्सपायरी अवधि अब सिर्फ 5 महीने बची है। इससे मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
– दिसंबर 2024 में बनी दवाएं, नवंबर 2026 में होंगी एक्सपायर
स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद कई दवाओं पर मैन्युफैक्चरिंग डेट दिसंबर 2024 और एक्सपायरी नवंबर 2026 दर्ज है। यानी लगभग 2 साल की वैधता वाली दवाओं का ज्यादातर समय बीत चुका है और उपयोग के लिए सीमित समय बचा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला स्तर से हर तीन महीने पर दवाओं की आपूर्ति होती है। ऐसे में कम शेष अवधि वाली दवाएं केंद्रों तक कैसे पहुंचीं और नया स्टॉक क्यों नहीं भेजा गया, इसकी जांच होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एक्सपायरी तिथि तक दवाएं उपयोग के लिए सुरक्षित होती हैं, लेकिन अंतिम महीनों में बड़ी मात्रा में ऐसी दवाओं का वितरण स्टॉक प्रबंधन में खामी की ओर इशारा करता है। लोगों ने दवा खरीद, भंडारण और वितरण प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की है ताकि स्पष्ट हो सके कि कम अवधि वाली दवाएं किस परिस्थिति में भेजी गईं।
– पीएचसी प्रभारी बोले
सदर पीएचसी प्रभारी डॉ. दिलीप कश्यप ने बताया कि जिले से हर तीन महीने पर मांग के अनुसार दवाओं की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध स्टॉक की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और जरूरत के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
कहा कि स्वास्थ्य विभाग से उम्मीद है कि दवा स्टॉक का ऑडिट कर मरीजों को वैध और गुणवत्तापूर्ण दवाएं ही दी जाएं, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
