
मोतिहारी।
नगर निगम क्षेत्र में प्रस्तावित डिजनी लैंड सह प्रदर्शनी के टेंडर को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर जनसुराज के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है और निष्पक्ष जांच के साथ पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया की मांग की है।
जिला प्रवक्ता अजय कुमार आजाद, पूर्व प्रत्याशी डॉ अतुल कुमार, कार्यालय प्रभारी रविश मिश्रा सहित अन्य जनसुरक्षा जी नेताओं ने आरोप लगाया है कि डिजनी लैंड सह प्रदर्शनी आयोजन के टेंडर को जानबूझकर अटकाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यह आयोजन मोतिहारी की पहचान और पर्यटन के विस्तार से जुड़ा है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में देरी और अनियमितता की आशंका से स्थानीय जनता में नाराजगी है।

नेताओं ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी होनी चाहिए। किसी एक पक्ष या व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में ढील देना जनता के हितों के खिलाफ है। डिजनी लैंड जैसी बड़ी परियोजना से रोजगार और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, इसलिए इसमें किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसुराज नेताओं की मुख्य मांगें:
- डिजनी लैंड सह प्रदर्शनी के टेंडर की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो।
- टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए ताकि योग्य एजेंसियों को समान अवसर मिले।
- दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
वक्तव्य के अंत में जनसुराज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर टेंडर विवाद का जल्द समाधान नहीं हुआ और पारदर्शिता नहीं बरती गई तो वे जनआंदोलन करेंगे। नेताओं का कहना है कि मोतिहारी के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को राजनीति का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।
नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ रही है।
