
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
मोतिहारी नगर निगम वार्ड संख्या 26 की पार्षद प्रत्याशी अनामिका वर्मा उर्फ डॉली जी ने वार्ड में विकास योजनाओं और निविदा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से पिछले तीन वर्षों की सभी योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
18 जून 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में अनामिका वर्मा ने आरोप लगाया कि वार्ड 26 में संचालित कई योजनाओं और निविदाओं में पारदर्शिता का अभाव रहा है। उपलब्ध अभिलेखों और सूचनाओं के हवाले से उन्होंने कहा कि वर्तमान वार्ड पार्षद के पति के भाई यानी देवर को बार-बार संवेदक के रूप में काम मिला है।
अनामिका वर्मा ने कहा कि
अगर यह तथ्य सही हैं तो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और सुशासन पर सवाल उठते हैं। नगर निगम की योजनाएं जनता के टैक्स के पैसे से चलती हैं। हर निविदा पूरी तरह प्रतिस्पर्धात्मक और पारदर्शी होनी चाहिए। पारिवारिक प्रभाव या हितों का टकराव लोकतंत्र के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में वार्ड 26 की कई जरूरी विकास योजनाएं लंबित या बाधित रहीं। इन मामलों में उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़कर सक्षम न्यायालयों और विभागों के सामने वार्डवासियों की बात रखी। इसका नतीजा रहा कि रुकी हुई कई योजनाओं को फिर से स्वीकृति मिली और वे वार्ड तक पहुंच पाईं।
– यह जांच कराने की है मांगें
अनामिका वर्मा ने मांग की है कि पिछले 3 साल में वार्ड 26 में स्वीकृत सभी योजनाओं, निविदाओं, कार्यादेश और भुगतान का रिकॉर्ड खंगाला जाए। चयनित संवेदकों की सूची की स्वतंत्र एजेंसी या सक्षम जांच प्राधिकरण से जांच हो। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व व्यक्तियों पर कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा है कि “विकास कार्य किसी व्यक्ति, परिवार या समूह की बपौती नहीं है। यह जनता का अधिकार है। कहा कि वार्ड 26 की जनता भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और विकास में पूरी पारदर्शिता चाहती है। जनहित से कोई समझौता नहीं होगा।
नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
