बंदरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का डीएम ने किया निरीक्षण, विकास योजनाओं की समीक्षा; लापरवाह पर सख्ती

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मुजफ्फरपुर,
2 मई 2026

जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने की दिशा में जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में उन्होंने शनिवार को बंदरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तथा प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों के साथ सरकार की विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कैश बुक (रोकड़ पंजी), कार्यालय पंजी के संधारण, पंचायतों के निरीक्षण, भूमि विवाद के निस्तारण के लिए शनिवार को आयोजित सुनवाई, जनता दरबार की स्थिति तथा लंबित मामलों के निष्पादन की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासनिक कार्यों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोपरि है, इसलिए रोकड़ पंजी का नियमित संधारण एवं अद्यतन रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्यालय के सभी पंजियों का नियमित और सही तरीके से रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा पंचायतों में किए गए क्षेत्र भ्रमण और निरीक्षण रिपोर्ट की गहन जांच की। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) को निर्देश दिया कि वे बीडीओ के कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही बीडीओ को नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर उसकी रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।


समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने नल-जल योजना, चापाकल की कार्यशीलता, सोलर लाइट के अधिष्ठापन एवं संचालन, राशन कार्ड वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पेंशनधारियों के जीवन प्रमाण पत्र तथा जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक सप्ताह पंचायतों का नियमित भ्रमण करें और योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से मिल सके।
अंचल कार्यालय की समीक्षा के दौरान एक महत्वपूर्ण कमी सामने आई, जिसमें पाया गया कि भूमि विवाद से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए शनिवार को आयोजित जनता दरबार में थानाध्यक्ष की उपस्थिति नियमित नहीं रहती है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि सभी संबंधित थानाध्यक्षों को पत्र भेजकर शनिवार को आयोजित जनता दरबार में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी एवं पश्चिमी) तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी निर्देश दिया कि वे जनता दरबार में थानाध्यक्ष की उपस्थिति सुनिश्चित करायें, ताकि भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान हो सके।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाजीर श्री संजय कुमार राकेश कई महीनों से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही उनके स्थान पर किसी अन्य कर्मी की प्रतिनियुक्ति करने का भी आदेश दिया गया, ताकि कार्यालय का कार्य प्रभावित न हो।


बंदरा प्रखंड में आधारभूत संरचना के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि बंदरा में प्रखंड सह अंचल कार्यालय तथा अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकीय कर्मियों के लिए आवास निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी का चयन कर लिया गया है। उन्होंने भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को निर्देश दिया कि वे शीघ्र ही उपयुक्त भूमि की मापी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराएं।
विदित हो कि जिले में कुल 12 प्रखंड सह अंचल कार्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इनमें बंदरा, सरैया, मोतीपुर, साहेबगंज, पारु, गायघाट, कटरा, मुसहरी, मरवन, बोचहा, कांटी और औराई शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर भवन निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विशेष रूप से मरवन और बंदरा में कार्यालय भवन के साथ-साथ पदाधिकारियों एवं सुपरवाइजरी स्टाफ के लिए आवासीय सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों के संचालन में और अधिक सुगमता आएगी।
जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें।