
:मृतक के परिजन को 20 लाख मुआवजा एवं घर मे एक सरकारी नौकरी दे सरकारः- कांग्रेस जिलाध्यक्ष अधिवक्ता अफरोज आलम
शिवहर:जिला कांग्रेस कमीटी के अध्यक्ष अधिवक्ता अफरोज आलम के नेतृत्व में शहर के जीरो माइल पर जिला कांग्रेस कमीटी द्वारा देश के गृह मंत्री अमित शाह एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन के दौरान जिलाध्यक्ष अधिवक्ता अफरोज आलम ने कहा कि बिहार के खगड़िया निवासी पांडव कुमार का दिल्ली में एक पुलिसकर्मी द्वरा गोली मारकर हत्या की घटना ने पूरे बिहार प्रदेश सहित देश को झकझोर दिया है। यह घटना न केवल एक निर्दोष युवक की मौत का मामला है बल्कि यह देश में क्षेत्रीय पहचान के आधार पर भेदभाव और प्रवार्स श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। आगे अफरोज आलम ने कहा कि दिल्ली में पांडव कुमार की हत्या इसलिए कर दी गयी क्योंकि वो बिहारी थे। ये घटना न केवल एक युवक की हत्या है बल्कि पुरे बिहार की स्मिता और सम्मान पर हमला है। बिहारी होना हमारी पहचान और स्वाभिमान से जुड़ा विषय है जिसे किसी भी कीमत पर अपमानित नही होने दिया जाएगा। क्या भाजपा के शासन काल में बिहारी होना गुनाह हो गया है। दिल्ली एक केंद्रशासित प्रदेश है जिसकी कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी देश के गृह मंत्री का है इसलिए हम मांग करते है कि अमित शाह तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे बिहार का अपमान एवं बिहारियों की हत्या बिहार की जनता बर्दाश्त नही करेगी साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी हम कहना चाहते है कि एक बिहारी के हत्या दिल्ली में हो जाती है लेकिन आप मौन है जिससे आप पर भी सवालिया निशान उठता है। बिहार सरकार इस मामले में गृह मंत्रालय एवं दिल्ली सरकार से तत्काल संवाद स्थापित कर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। जिलाध्यक्ष ने सरकार से मांग किया कि देश भर में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों विशेषकर बिहार के श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जाए और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
जिला पर्यवेक्षक कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहा प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्राप्त है किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी क्षेत्रीय पहचान की आधार पर भेदभाव करना संविधान के मूल भावना के विरुद्ध है। ऐसी घटनाएं न केवल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती है बल्कि देश की एकता और अखंडता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या आज भी हमारे समाज मे क्षेत्रीय भेदभाव की मानसिकता विद्यमान है? जानकारी के अनुसार पांडव कुमार दिल्ली में एक डिलीवरी एजेंट का काम करते थे घटना के दौरान एक पुलिस हवलदार ने उनसे उनकी पहचान पूछी और बिहार से होने की बात सुनते ही गोली चला दी,इस घटना में पांडव कुमार की मौके पर ही मृत्यू हों गईं।
पुतला दहन के दैरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री अमित शाह मुर्दाबाद, सम्राट चौधरी मुर्दाबाद, अमित शाह इस्तीफा दे, बिहारियों का अपना नही सहेंगे, पांडव कुमार के हत्यारे को फांसी दो के नारे लगाते रहे।
विरोद्ध प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल होने वालों में जिलाध्यक्ष अफरोज आलम, जिला पर्यवेक्षक कमलेश कुमार सिंह, इंटक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नीरज कुमार सिंह, मो रिज़वान, मोजिबुल अंसारी, आशुतोष कुमार, मो उमैश अख्तर, शिवम कुमार, मो मुर्तुजा, सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
